जयपुर. राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने पाली जिले के मनोहर राजपुरोहित नेतरा अपहरण मामले (Manohar Rajpurohit Netra kidnapping case) की सीबीआई जांच (CBI investigation) की सिफारिश कर दी है. राज्य सरकार ने अपहरण मामले की जांच सीबीआई से कराने का निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की स्वीकृति मिलने के बाद राज्य के गृह विभाग ने केंद्र सरकार को सिफारिशी चिट्ठी भेज दी है.

पाली जिले के सुमेरपुर निकटवर्ती नेतरा गांव निवासी 16 वर्षीय मनोहर राजपुरोहित 23 नवंबर 2016 को फालना के कोचिंग क्लास गया था. उस के बाद वापस घर नहीं लौटा. अज्ञात लोगों द्वारा मनोहर राजपुरोहित का अपहरण कर लिया. जिसकी प्राथमिक रिपोर्ट पुलिस थाना फालना में दर्ज हैं. अपहरणकर्ताओं द्वारा कई बार फिरौती के लिए पत्र भी घर भेजे गए. पीड़ित परिवार अपहरणकर्ताओं की ओर से बताए गए स्थान पर 25 लाख रूपए लेकर गए लेकिन वहा पर कोई नहीं मिला.

CID जांच के बाद भी नहीं पता चला 



इस घटना को 4 वर्ष से अधिक समय हो चुका है और मनोहर तीन बहनों का इकलौता भाई है. इस मामले में परिवार और सामाजिक संगठनों ने जिला कलेक्टर से भी सम्पर्क किया, लेकिन उन्हें वहां पर भी निराशा हाथ लगी. सामाजिक संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन कर प्रदेश स्तर पर ज्ञापन दिए. तब भाजपा सरकार द्वारा सीआईडी जांच दी गई थी। लेकिन उस बात को 2 वर्ष बीत जाने के बावजूद भी राजस्थान पुलिस एवं सीआईडी मनोहर राजपुरोहित का पता लगाने में पूरी तरह से नाकाम रही.
प्रदेशभर से उठी थी CBI जांच की मांग

राजपुरोहित की पत्नी गरिमा राजपुरोहित ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मनोहर अपहरण मामले की जांच CBI से करवाने की मांग की. सीएम कार्यालय द्वारा भी इस मामले को गंभीरता से लेने का गरिमा राजपुरोहित को आश्वासन दिया है. इस मामले में प्रदेश भर से सीबीआई जांच की मांग उठी. कई मंत्रियों और विधायकों ने पत्र लिखकर मुख्यमंत्री से सीबीआई जांच मांग की. जिला परिषद सदस्य व पुर्व प्रधान गरिमा राजपुरोहित ने मनोहर राजपुरोहित नेतरा की सीबीआई जांच करवाने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को जयपुर में ज्ञापन भी सौंपा गया था.