लखनऊ. उत्तर प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा (Suresh Rana) का कहना है कि किसानों (Farmers) की आय दुगुना करने के संकल्प पर तेजी कार्य हो रहा है. गन्ना विभाग (Sugarcane Department) ने किसानों के हितों में कई बड़े फैसले किए हैं. यूपी के 3 करोड़ 35 लाख परिवारों से गन्ना विभाग जुड़ा है. आज देश में 47% चीनी का उत्पादन यूपी में हो रहा है. 3 वर्षों से चीनी उत्पादन में यूपी देश में पहले नंबर पर है. आज 70 करोड़ लीटर एथनॉल उत्पादन करके भी यूपी देश मे नम्बर-1 है.

साढ़े तीन साल में किया ऐतिहासिक भुगतान: सुरेश राणा

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अपने कार्यकाल में गन्ने का ऐतिहासिक भुगतान किया है. साढ़े 3 साल में 1 लाख 12 हजार 829 करोड़ का भुगतान हुआ है. वहीं पिछली सपा सरकार के 5 वर्ष के भुगतान से ये 17,314 करोड़ अधिक भुगतान है. यही नहीं प्रदेश में लॉकडाउन के दौरान भी सभी 119 चीनी मिलें चलीं. लॉक डाउन में भी 5954 करोड़ का भुगतान किया गया.

मुंडेरवा में गन्ने से सीधे एथनॉल बनेगा
प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने कहा कि पिछली सरकारों में 2007-2017 तक 21 चीनी मिलें बंद की गईं. हमने पिपराइच-मुंडेरवा में नई चीनी मिलें लगाकर शुरू कराईं. उत्तर भारत मे सिर्फ मुंडेरवा में गन्ने के जूस से सीधे एथनॉल बनेगा. उन्होंने कहा कि इसके अलावा यूपी में सल्फरलेस चीनी का भी उत्पादन होगा.

सरकार ने किए कई सुधार

सुरेश राणा ने कहा कि बागपत चीनी मिल की क्षमता बढ़ाकर कोजन प्लांट लगाया गया है. इसके अलावा 11 निजी मिलों की क्षमता भी बढ़वाई गई. करीब 8 साल से बंद वीनस, दया और वेव शुगर मिलें चलवाई गईं. सठियांव और नजीबाबाद सहकारी मिलों में एथनॉल प्लांट लगा. 6 बंद आसवानी को भी योगी सरकार ने चलवाया. देश में 70 चीनी मिलें नहीं चल सकी हैं लेकिन यूपी की सभी 119 मिलें चल रही हैं. गन्ना भुगतान के लिए प्रभावी व्यवस्था की गई.