Jaipur: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने प्रदेश में कोरोना संक्रमण (Corona infection) की स्थिति की समीक्षा में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में कोविड-19 महामारी (Covid-19 Epidemic) की बढ़ती गति से दो कदम आगे बढ़कर संक्रमण को रोकने तथा समुचित इलाज की पुख्ता तैयारी सुनिश्चित करें. इस मुश्किल घड़ी में राज्य सरकार (State government) लोगों की जीवन रक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ेगी. 

निजी लैब और अस्पतालों में कोरोना के लिए आरटीपीसीआर जांच की दर घटाकर 350 रुपये करने के निर्देश दिए, जो देश में सबसे कम होगी. स्वास्थ्य विभाग तथा जिला प्रशासन हर जिले में कोरोना प्रबंधन (Corona management) के लिए अधिकाधिक संसाधन जुटाएं. किसी भी स्तर पर कोई कमी नहीं रहे. हमारे लिए हर व्यक्ति की जान कीमती है. राजस्थान के सभी जिलों में ऑक्सीजन सप्लाई के लिए मानचित्र पर रूटचार्ट बनाने के निर्देश दिए, ताकि आवश्यकता बढ़ने पर सभी जगहों पर जल्द से जल्द मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके. 

अनियमितता करने वाली लैब्स एवं कार्मिकों के खिलाफ होगी कार्रवाई
कुछ स्थानों पर आरटीपीसीआर जांचों (Rtpcr Tests) की रिपोर्ट में हो रही देरी को गंभीरता से लिया. इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को वस्तुस्थिति से अवगत कराने तथा अनियमितता करने वाली लैब्स एवं कार्मिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए. महामारी के समय में इस तरह की लापरवाही से ने केवल संक्रमण बढ़ता है बल्कि यह स्थिति किसी के लिए जानलेवा भी साबित हो सकती है. 

रेमडेसिविर इंजेक्शन और ऑक्सीजन को लेकर दिए बड़े निर्देश
मुख्यमंत्री ने चिकित्सा विशेषज्ञों और अधिकारियों के साथ विभिन्न जिलों में कोविड मरीजों के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन (Remdesivir Injection) तथा मेडिकल ऑक्सीजन (Medical oxygen) की उपलब्धता पर विस्तार से चर्चा की. चिकित्सकों द्वारा इन जीवन रक्षक दवाओं का तार्किक और आवश्यकता के अनुरूप उपयोग सुनिश्चित करने के लिए रेमडेसिविर और ऑक्सीजन सिलेण्डर के विशेष प्रोटोकॉल जारी करने का सुझाव दिया. इस संबंध में जिला अस्पतालों तथा अन्य अस्पतालों के चिकित्सक एसएमएस सहित विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के विशेषज्ञों के साथ चर्चा कर सकते हैं, जिससे किसी भी जरूरी संसाधन का व्यर्थ उपभोग नहीं हो. 

मरीजों के लिए की जाएगी भोजन की व्यवस्था 
जिला अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेजों पर बिना लक्षण वाले तथा कम गंभीर कोरोना मरीजों का दबाव घटाने के लिए कोविड केयर सेंटर (Covid Care Centre) तथा संस्थागत क्वारंटाइन सुविधाएं स्थापित करने के निर्देश दिए. इन केन्द्रों पर मरीजों के लिए भोजन की व्यवस्था इंदिरा रसोई योजना (Indira Rasoi Yojana) के माध्यम से की जाएगी. आवश्यकता पड़ने पर इंदिरा रसोई से भोजन के पैकेट क्वारंटाइन तथा कोविड केयर सेंटरों पर वितरित किए जा सकेंगे. 

चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने दी यह जानकारी
चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा (Raghu Sharma) ने बताया कि शनिवार को केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन के साथ 11 राज्यों के चिकित्सा मंत्रियों की विशेष चर्चा हुई है. इस बैठक में उन्होंने केन्द्रीय मंत्री को राजस्थान (Rajasthan) में संक्रमण के प्रसार की स्थिति तथा उपलब्ध संसाधनों का विवरण दिया. साथ ही, मरीजों की संख्या में लगातार हो रही वृद्धि के दृष्टिगत प्रदेश के लिए रेमडेसिविर और मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाने की मांग की. 

जानिए क्या बोले मुख्य सचिव निरंजन आर्य 
मुख्य सचिव निरंजन आर्य (Niranjan Arya) ने बताया कि सभी जिला कलक्टरों को कोविड केयर और क्वारंटाइन तथा आइसोलेशन केन्द्रों के संचालन के लिए एसडीआरएफ के फंड का उपयोग करने के लिए अधिकृत कर दिया गया है. साथ ही, स्थानीय स्तर पर चिकित्सकीय उपकरणों की खरीद के लिए आरटीपीपी एक्ट के नियमों में शिथिलता देते हुए आवश्यकता के अनुसार बिना निविदा के खरीद की प्रक्रिया अपनाने के लिए भी निर्देश दिए हैं. 

स्वास्थ्य विभाग ने घर-घर शुरू किया सर्वेक्षण 
शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि एसडीआरएफ की निधि के उपयोग के लिए केन्द्र सरकार से भी दिशा-निर्देश प्राप्त हो गए हैं. जिला कलक्टर राहत शिविर तथा क्वारंटाइन केन्द्रों में विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए इस निधि का उपयोग कर सकते हैं. महाजन ने बताया कि प्रदेश में शनिवार को कुल पॉजिटिव केसेज की संख्या 60 हजार पहुंच गई है. संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने घर-घर सर्वेक्षण शुरू किया है, ताकि संभावित मरीजों को जल्द से जल्द चिन्हित कर आइसोलेट किया जाए और उनका तुरंत इलाज शुरू किया जाए, ताकि अस्पतालों पर मरीजों का दबाव नहीं बढ़े. 

बैठक में ये लोग रहे मौजूद

बैठक में चिकित्सा राज्य मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग, पुलिस महानिदेशक एमएल लाठर, प्रमुख सचिव गृह अभय कुमार, शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा वैभव गालरिया, शासन सचिव स्वायत्त शासन भवानी सिंह देथा, एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुधीर भण्डारी, चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. वीरेन्द्र सिंह सहित अन्य उच्च अधिकारी उपस्थित थे. आरयूएचएस के कुलपति डॉ. राजाबाबू पंवार, एसएमएस मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सक, जिला कलक्टर एवं मेडिकल कॉलेजों के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी तथा सीएमएचओ वीसी के माध्यम से बैठक से जुड़े.