नई दिल्ली. टीम इंडिया ने टी20 सीरीज (India vs England) में शानदार प्रदर्शन किया. सीरीज में 1-2  से पिछड़ने के बाद बेहतरीन वापसी की और सीरीज पर 3-2 से कब्जा किया. जीत में टीम इंडिया के गेंदबाजों ने अहम योगदान दिया. शार्दुल ठाकुर (Shardul Thakur) ने सबसे ज्यादा 8 विकेट लिए तो भुवनेश्वर कुमार के खिलाफ इंग्लिश बल्लेबाज खुलकर नहीं खेल सके. दोनों टीमों के बीच अब 23 मार्च से वनडे सीरीज होगी. इसके पहले टेस्ट सीरीज टीम इंडिया ने 3-1 से जीती थी.

शार्दुल ठाकुर ने अंतिम टी20 मैच में तीन विकेट लिए. उन्होंने एक ही ओवर में जाॅनी बेयरस्टो और डेविल मलान को आउट किया. इसके पहले चौथे मैच में भी उन्होंने लगातार दो गेंद पर दो विकेट लेकर टीम इंडिया की वापसी कराई थी. शार्दुल ने 5 मैच में सबसे ज्यादा 8 विकेट लिए. हालांकि उनकी इकोनॉमी 10 के आस-पास रही. अंतिम मैच में इंग्लिश गेंदबाज भी काफी महंगे साबित हुए.

इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर 7 विकेट लेकर दूसरे और इंग्लैंड के ही मार्क वुड 5 विकेट लेकर तीसरे पर रहे. मार्क वुड 150 किमी/घंटा की गति से गेंदबाजी करते हैं. लेकिन अंतिम मैच में वे कमाल नहीं कर सके और काफी महंगे साबित हुए. पांचवें गेंदबाज के रूप में सैम करेन और बेन स्टोक्स भी पूरी सीरीज में अपनी छाप नहीं छोड़ सके. क्रिस जॉर्डन का प्रदर्शन भी उम्मीद से काफी कम रहा.
हार्दिक पंड्या की इकोनॉमी भी 7 से कम रही
भुवनेश्वर कुमार, वाॅशिंगटन सुंदर, आदिल राशिद और क्रिस जॉर्डन ने 4-4 विकेट लिए. भुवनेश्वर कुमार चोट के बाद सीरीज में वापसी कर रहे थे. लेकिन वे पहले की तरह लय में दिखे और गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराया. उन्होंने सिर्फ 6.38 की इकोनॉमी से रन दिए. यह सीरीज में किसी भी गेंदबाज का सबसे अच्छा प्रदर्शन है. टी20 में भारत की ओर से भुवनेश्वर और जसप्रीत बुमराह सबसे कंजूस गेंदबाज माने जाते हैं. इस साल टी20 वर्ल्ड कप में ये दोनों गेंदबाज हमारे लिए अहम रहेंगे. वर्ल्ड कप के मुकाबले अक्टूबर-नवंबर में भारत में ही होने हैं. चोट के बाद वापसी कर रहे हार्दिक पंड्या ने भी अच्छी गेंदबाजी की. उन्होंने 7 से कम की इकोनॉमी से रन दिए और 3 विकेट भी झटके. चौथे टी20 में जीत दिलाने में पंड्या की गेंदबाजी की बड़ी भूमिका रही थी. उन्होंने 4 ओवर में सिर्फ 16 रन दिए थे और दो विकेट झटके थे. हालांकि लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल उम्मीद के मुताबिक गेंदबाजी नहीं कर सके. अंतिम दो मैच में उनकी जगह राहुल चाहर काे मौका दिया गया.