नई दिल्ली, ऑलराउंडर यूसुफ पठान ने डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाये जाने के बाद निष्पक्ष जांच और और अपना पक्ष रखने का मौका देने के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) का शुक्रिया अदा किया है। यूसुफ ने गलती से टर्बयूटैलाइन नामक पदार्थ का सेवन कर लिया था जो उनके खांसी के सिरप में था और और इस बात की उनको जानकारी नहीं थी। यह पदार्थ अंतरराष्ट्रीय डोपिग रोधी एजेंसी (वाडा) की प्रतिबंधित दवाओं की सूची में शामिल है जो प्रतियोगिता के दौरान या उसके बाहर भी लेना प्रतिबंधित है।

यूसुफ ने मंगलवार को ट्विटर पर कहा कि मुझे पिछले साल 27 अक्टूबर को बीसीसीआई की ओर से एक पत्र मिला था जिसमें यह लिखा था कि प्रतिबंधित टर्बयूटैलाइन नामक पदार्थ का सेवन करने के कारण मैं डोप टेस्ट में फेल हो गया हूं। यह प्रतिबंधित पदार्थ मेरे सिरप में पाया गया था जो कि मैंने खांसी से राहत पाने के लिए लिया था। बीसीसीआई के एडीआर नियम 10.10.3 के तहत यूसुफ 28 अक्टूबर 2017 से जो निलंबन झेल रहे हैं उसे पांच महीने के निलंबन की कुल अवधि में शामिल किया जाएगा। बोर्ड के कुछ अन्य नियमों और विभिन्न परिस्थितियों पर विचार करने के बाद यूसुफ के निलंबन की पांच माह की अवधि 15 अगस्त 2017 से शुरू मानी जायेगी और यह 14 जनवरी 2018 को समाप्त हो जायेगी।

मुझे पहले दिन से ही अल्लाह पर विश्वास था कि मैं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निर्दोष साबित होऊंगा। मैंने हमेशा से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से अपना खेल खेला है। भारत और बड़ौदा के लिए मैंने कई मैच खेले हैं, इससे मेरा गौरव बढ़ा है और मैं ऐसा कुछ नहीं करूंगा जिससे मेरे देश को शर्मिंदगी झेलनी पड़े। मैं एक बार फिर से बीसीसीआई, बड़ौदा क्रिकेट और अपने प्रशंसकों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। मैं बीसीसीआई को विशेष रूप से धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने इस मामले में मुझे अपना पक्ष रखने का मौका दिया। इसके अलावा मै अपने कोच, सपोर्ट स्टाफ, परिवार और अपने वकील का भी शुक्रिया अदा करना चाहता हूं जिन्होंने मेरे मामले में मजबूती से अपना पक्ष रखा। 14 जनवरी के बाद मैं फिर से क्रिकेट में वापसी करना चाहता हूं जिसने जीवन में मुझे सबकुछ दिया है।