नई दिल्ली: सॉफ्टबैंक के सीईओ मसायोशी सन ने कहा है कि वे भारत को फ्री में सोलर बिजली देने के लिए तैयार है। बुधवार को इंटरनेशनल सोलर एलायंस (आईएसए) की प्रदर्शनी में सन ने कहा कि वह भारत समेत इंटरनेशनल सोलर एलायंस के सभी देशों को फ्री में बिजली देंगे, लेकिन यह सोलर पावर प्लांट की स्थापना के 25 साल बाद संभव हो पाएगा।

25 साल के लिए होगा पावर परचेज एग्रीमेंट

मयायोशी ने कहा कि सोलर पावर प्लांट से उत्पादित बिजली की आपूर्ति के लिए बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के  साथ 25  साल के लिए होने वाले पावर परचेज एग्रीमेंट (पीपीए) की अवधि समाप्त होने के बाद वह फ्री में बिजली देंगे। ग्रेटर नोएडा में आयोजित आईएसए समिट में उन्होंने कहा कि सोलर पावर प्लांट की मियाद 80 साल की होती है। सन की इस घोषणा के बाद आईएसए के साथ कई देशों के आने की संभावना प्रबल हो गई है। 

कई देशों के जुड़ने की संभावना 

अभी 70 देशों ने आईएसए के साथ समझौता दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए हैं। माना जा रहा है कि सन की इस घोषणा के बाद जर्मनी, इटली, स्पेन नेपाल व अफगानिस्तान जैसे देश आईएसए से जुड़ सकते हैं। भारत के क्लीन एनर्जी प्रोग्राम से जुड़ने के लिए जापान के साफ्टबैंक ग्रुप कॉरपोरेशन की ज्वाइंट वेंचर कंपनी एसबीजी क्लीनटेक, ताइवान की फॉक्सकॉन टेक्नोलॉजी और भारत की भारती इंटरप्राइजेज काफी सक्रिय दिख रही हैं। अगले चार साल में भारत में ग्रीन एनर्जी का कारोबार 80 अरब डॉलर के स्तर तक जा सकता है।

भारत में सोलर बिजली की लागत काफी कम

सन ने कहा कि भारत में सोलर बिजली की उत्पादन लागत अन्य देशों के मुकाबले काफी कम है। हाल ही में सोलर बिजली के लिए 2.44 रुपये प्रति यूनिट की दर से बोली लगाई गई है। सन की इस घोषणा से देश के क्लीन एनर्जी प्रोग्राम को प्रोत्साहन मिलने की संभावना जताई जा रही है। भारत सरकार ने वर्ष 2022 तक देश में रिन्युएबल एनर्जी की क्षमता को 1.75 लाख मेगावाट तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। इनमें एक लाख मेगावाट का योगदान सोलर का होगा।

कई कंपनियों में सॉफ्टबैंक की भागीदारी

जापानी कंपनी सॉफ्टबैंक ने भारत में 2011 में निवेश करना शुरू किया और अब तक कई क्षेत्र की कंपनियों में निवेश कर चुकी हैं। सॉफ्टबैंक ने फ्लिपकार्ट, ओला, पेटीएम, स्नैपडील, ओयो रूम्स, इनमोबी जैसी कंपनियों के साथ जुड़ चुकी हैं। भारत में वर्ष 2011 से लेकर अबतक सॉफ्टबैंक ने 24 डील किए हैं।