नई दिल्ली, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ आज गोरखपुर के बाबा राघवदास मेडिकल कालेज अस्पताल का दौरा किया। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री योगी के साथ खास तौर से अस्पताल के इन्सेफलाइटिस वार्ड को देखने गए जहां कथित रूप से आक्सीजन की आपूर्ति बाधित होने के कारण सात अगस्त से 11 अगस्त के बीच 60 मासूमों की मौत होने की बात राज्य सरकार ने खुद कबूली है।

नड्डा और मुख्यमंत्री ने अस्पताल में मरीजों को देखा और डाक्टरों से बातचीत की। दोनों ने अस्पताल में आक्सीजन की आपूर्ति के इंतजामों के साथ ही वहां अन्य सुविधाओं का भी जायजा लिया। नड्डा और योगी के साथ राज्य के शिक्षा चिकित्सा मंत्री आशुतोष टंडन और मुख्य सचिव भी मौजूद थे। अस्पताल में बड़ी संख्या में मासूमों की मौत को लेकर मचे हंगामे के बाद कल देर शाम आनन-फानन में बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने हालांकि इस बात से इंकार किया कि सारी मौतें आक्सीजन बाधित होने की वजह से हुई।

उन्होंने बच्चों की मौत के लिए अलग-अलग कारण गिनाए लेकिन साथ ही यह भी कहा अगर जांच में यह पता चला कि आक्सीजन की कमी से मृत्यु हुई है तो यह एक जघन्य अपराध होगा। इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि गोरखपुर की खबरों को पढक़र प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी भचतित हुए हैं, इसीलिए उन्होंने केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल को वहां भेजा है।

मोदी ने आश्वस्त किया है कि धन की कमी की वजह से किसी की जान नहीं जाने दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आंकडों का सही प्रकाशन होना चाहिए। सात अगस्त को नौ, आठ अगस्त को 12, नौ अगस्त को नौ, 10 अगस्त को 23 और 11 अगस्त को सात बच्चों की मृत्यु हुई है। घटना के खिलाफ पहली कार्रवाई करते हुए मेडिकल कालेज अस्पताल के प्रधानाचार्य को निलंबित कर दिया गया है।

इसके साथ ही मामले की जांच के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है। गोरखपुर के डिविजनल मजिस्ट्रेट राजीव राउतेला को 24 घंटे के अंदर मामले की रिपोर्ट सौंपने का आदेश भी दिया गया था। खबर है कि राउतेला ने सरकार को रिपोर्ट सौंप दी है जिसमें कहा गया है कि साढ़े ग्यारह बजे से रात डेढ़ बजे के बीच अस्पताल में लिक्विड आक्सीजन की आपूर्ति बाधित हुई थी। विपक्षी दलों ने बच्चों की मौत को सरकार की बड़ी लापरवाही करार देते हुए मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की है।