कर्नाटक में भाजपा विधायक दल के नेता बीएस येदियुरप्पा ने गुरुवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. सरकार बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में रातभर चली हाई वोल्टेज कानूनी लड़ाई के बाद येदियुरप्पा दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री बने.

लिंगायत समुदाय में खासा प्रभाव रखने वाले 75 वर्षीय येदियुरप्पा को राज्यपाल वजुभाई वाला ने राजभवन में एक समारोह में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. येदियुरप्पा के शपथ लेते समय समर्थकों के बीच जबरदस्त उत्साह था.
सुप्रीम कोर्ट के येदियुरप्पा के शपथ लेने पर रोक लगाने से इनकार किये जाने के कुछ घंटों बाद ही भाजपा नेता ने अकेले शपथ ली. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने रातभर चली दुर्लभ सुनवाई के बाद येदियुरप्पा के कनार्टक के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था.
देर रात 2 बजकर 11 मिनट से सुबह 5 बजकर 58 मिनट तक चली सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि राज्य में शपथ ग्रहण और सरकार के गठन की प्रक्रिया कोर्ट के सामने इस मामले के अंतिम फैसले का विषय होगा.

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस ए.के सीकरी, जस्टिस एस के बोबडे और जस्टिस अशोक भूषण की एक विशेष बेंच ने कहा, ‘‘कोर्ट बीएस येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण समारोह पर रोक लगाने के संबंध में कोई आदेश नहीं दे रहा है.’’
येदियुरप्पा के पास विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का समय है. सदन में भाजपा के पास 104 विधायक हैं जो बहुमत के 112 के आंकड़े से आठ विधायक कम है. कर्नाटक की 224 विधानसभा सीटों में से 222 सीटों के लिए मतदान हुआ था.

जयनगर सीट पर भाजपा उम्मीदवार के निधन के बाद चुनाव रद्द कर दिया गया जबकि आर आर नगर सीट पर कथित चुनावी कदाचार के चलते मतदान 28 मई के लिए टाल दिया गया.