बीजिंग/वाशिंगटन. चीन में उइगर मुसलमानों (Uighur Muslim) के खिलाफ जारी नरसंहार के खिलाफ अब अमेरिका (US) ने कड़ा फैसला लिया है. अमेरिका ने आदेश जारी कर कहा है कि चीन (China) के शिनजियांग (Xinjiang) प्रांत की कुछ चुनिंदा जगहों पर बनने वाले कपड़ों, कंप्यूटर के पुर्ज़ों और दूसरे सामानों के आयात पर तुरंत रोक लगा दी जाए. बता दें कि ये वही इलाके हैं जहां के बारे में कहा जाता है कि यहां उइगर समुदाय के लोगों को कैम्पों में रखा जाता है और उनसे जबरन मजदूरी कराई जाती है.

BBC की रिपोर्ट के मुताबिक शिनजियांग के उइगर मुसलमानों के नरसंहार के आरोपों को लेकर चीन की पूरी दुनिया में आलोचना हो रही है. चीन से तल्ख़ होते रिश्तों के बीच अमेरिका ने भी ये मुद्दा प्रमुखता से उठाना शुरू कर दिया है. चीन पर दबाव बनाने के लिए ट्रंप प्रशासन का ये ताज़ा कदम है. कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर शिनजियांग में दस लाख से ज़्यादा लोगों को हिरासत में रखा हुआ है. उधर चीन का कहना है कि चरमपंथ और अलगाववाद के ख़तरों से निपटने के लिए उसने उइगर युवाओं के लिए ट्रेनिंग कैंप बनाए हैं जहां उन्हें मुख्यधारा में वापस लाने के लिए काम किया जाता है. बता दें कि चीन दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत कपास का उत्पादन करता है, जो ज़्यादातर शिनजियांग से आता है. ये क्षेत्र पेट्रोकेमिकल और चीनी फैक्ट्रियों में इस्तेमाल होने वाले दूसरे सामानों का भी बड़ा स्त्रोत है.

अमेरिका ने लगाया कड़ा प्रतिबंध
अमेरिका ने एक बार फिर चीन के खिलाफ मानवाधिकार उल्लंघन के कड़े मामले सामने आने की बात कही है. ट्रंप प्रशासन ने नए आदेश में कहा है- 'अंतरराष्ट्रीय समुदाय को साफ संदेश दीजिए कि हम अमरीका की सप्लाई चेन में जबरन मज़दूरी कराने के ग़ैर-कानूनी, अमानवीय और शोषणकारी व्यवहार को बर्दाश्त नहीं करेंगे. ट्रंप प्रशासन खड़ा देखता नहीं रहेगा और उन विदेशी कंपनियों को अपने यहां आने की अनुमति देगा जो सताए हुए कामगारों से जबरन काम कराती हैं और साथ ही उन अमेरिकी कारोबारों को भी नुक़सान पहुंचाती हैं जो मानवाधिकारों और क़ानून के राज का सम्मान करते हैं.'
इस आदेश के मुताबिक ये प्रतिबंध लोप काउंटी नंबर-4 व्यावसायिक कौशल शिक्षा और प्रशिक्षण केंद्र में बनाए गए उत्पादों पर और हेयर प्रोडक्ट इंडस्ट्रियल पार्क में बने उत्पादों पर लगाया गया है. इसके आलावा यिली झुओवान गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग कंपनी लिमिटेड और बाओटिंग एलवाईएसज़ेडडी ट्रेड और बिज़नेस कंपनी के बनाए कपड़ों पर और शिनजियांग जुंगर कॉटन एंड लिनन कंपनी लिमिटेड की ओर से उत्पादित और प्रोसेस्ड कपास पर के आलावा चीन के एन्हुई में हेफ़ेई बिटलैंड सूचना प्रौद्योगिकी कं. लिमिटेड के बने कंप्यूटर भागों पर भी ये प्रतिबंध लागू होगा.