बर्लिन, भारतीय पुरुष कंपाउंड टीम सेमीफाइनल में शीर्ष वरीयता प्राप्त अमेरिका से हारने के बाद तीरंदाजी विश्व कप के चौथे चरण में अब कांस्य पदक के लिए आज कम रैंकिंग वाले जर्मनी से भिड़ेगी। अभिषेक वर्मा, अमन सैनी और अमनजीत सिंह की पांचवीं वरीयता प्राप्त भारतीय तिकड़ी ने स्पेन को 228-222 से हराकर अपने अभियान की शुरुआत की और फिर क्वार्टर फाइनल में 13वें वरीय स्वीडन को 231-229 से हराया। भारतीय टीम हालांकि सेमीफाइनल में शीर्ष वरीयता प्राप्त अमेरिका से पार पाने में नाकाम रही और 228-233 से हार गई।

ज्योति सुरेखा वेनाम, तृषा देब और स्नेहल मंडारे की तीसरी वरीयता प्राप्त भारतीय कंपाउंड महिला टीम को पहले दौर में बाई में मिली जिससे वह क्वार्टर फाइनल में पहुंचने में सफल रही। भारतीय टीम हालांकि अंतिम आठ में 11वीं वरीयता प्राप्त दक्षिण अफ्रीका से एक बेहद करीबी मुकाबले के शूट ऑफ में 28-29 से हार गई। कंपाउंड मिश्रित टीम भी क्वार्टर फाइनल में मैक्सिको से 149-156 से हार गई। कंपाउंड के व्यक्तिगत वर्ग में केवल वर्मा और ज्योति ही क्वार्टर फाइनल में पहुंच पाए जबकि अन्य शुरू में ही बाहर हो गए थे।

छठी वरीयता प्राप्त वर्मा ने अमेरिका के तीसरे वरीय ब्राडेन गेलेनटीन को 146-148 से उलटफेर का शिकार बनाया जबकि पांचवीं वरीयता प्राप्त ज्योति डेनमार्क की 13वीं वरीय सराह सोनिचसेन से 145-147 से हार गई। इस बीच भारतीय रिकर्व तीरंदाजों का निराशाजनक प्रदर्शन जारी रहा। भारत ने एक साल से भी अधिक समय पहले जून 2016 में अंताल्या में रिकर्व वर्ग में विश्व कप पदक जीता था तथा बर्लिन में पुरूष और महिला दोनों टीमें क्वार्टर फाइनल से ही बाहर हो गई।