जोधपुर, जोधपुर के पास खेजड़ली में मेला चल रहा था। घूमने आई महिला पारसी देवी की 4 तोले सोने की चेन चोरी हो गई। गांव के मेले की साख का सवाल था, तो वहां मौजूद हर शख्स ने थोड़ा-थोड़ा पैसा दिया। बिश्नोई समाज ने इंतजाम संभाला और हाथों-हाथ 1.51 लाख रुपए इकट्‌ठा हो गए। पैसा महिला को दिया गया, लेकिन महिला और उनके पति ने इसमें अपनी तरफ से 5 हजार रुपए जोड़कर पैसे वापस कर दिए।

मेला स्थल पर सीसीटीवी कैमरा लगाए जाने का काम शुरू

महिला का कहना था- इस पैसे से पूरे मेला प्रांगण में सीसीटीवी कैमरा लगवा दीजिए, ताकि दोबारा मेले में चोरी न होने पाए। वाक्या दो दिन पहले का है। पैसा मंदिर ट्रस्ट को सौंपा गया और फौरन ही मेलास्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने का काम शुरू भी करा दिया गया है। सीसीटीवी लगाने में अनुमानित खर्च 2 लाख रुपए का आ रहा है। बाकी पैसा बिश्नोई समाज के लोग आपस में इकट्‌ठा कर रहे हैं।

खेजड़ली का ये मेला उन 363 लोगों की स्मृति में मनाया जाता है, जिन्होंने 1703 में पेड़ों की बचाने की जिद ठानकर जान दे दी  थी। मेला हर साल मनाया जाता है। मेले के माहौल पर लोगों का ऐसा भरोसा है कि विश्नोई समाज की महिलाएं सिर से पैर तक गहनों से लदकर मेले में पहुंचती हैं।

गांव के बाबूराम बाबल कहते हैं- आज तक मेले से किसी की पिन तक चोरी नहीं हुई थी। ये पहला मौका था। उसमें भी सोने की चेन चोरी हो गई। यह हमारे लिए एक चेतावनी की तरह था। तभी फौरन कदम उठाया।

पारसी देवी के पति छगनलाल बताते हैं- हमारा परिवार सक्षम है। सोने की चेन बहुत बड़ी चीज नहीं है। पैसे की कोई खास जरूरत भी नहीं है। ऐसे में तय किया गया कि जो पैसा समाज ने भरोसा बचाने के लिए जुटाया है, उसमें कुछ और मिलाकर सुरक्षा का कोई स्थायी बंदोबस्त किया जाए ताकि आगे कोई घटना हो तो पकड़ में आ सके।

आयोजक बोले- मेले पर 50 साल से ज्यादा का भरोसा है

मेला आयोजक बताते हैं- मेला 50 साल से ज्यादा समय से चल रहा है। मेले पर महिलाओं का ऐसा भरोसा है कि लाखों रुपए के गहने पहनकर बेखौफ आती हैं। भरोसा कायम रखने का सवाल था।