जयपुर:  राजस्थान में इस बार पुरुषों के मुकाबले महिला वोटर्स ने बाजी मारी है। 2013 विधानसभा चुनाव के मुकाबले इस बार अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने तक जहां 34 लाख 42 हजार महिला वोटर्स बढ़ी हैं, वहीं इसके मुकाबले पुरुष वोटर्स की संख्या में 33 लाख 10 हजार का ही इजाफा हुआ है। जबकि 2013 की तुलना में सर्विस वोटर्स की संख्या में 10 हजार की ही बढ़ोतरी हुई है, वहीं 2013 की तुलना में 2018 में कुल 67 लाख 53 हजार वोटर्स बढ़े हैं।

राजस्थान में आगामी आम चुनाव के लिए निर्वाचन विभाग ने मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। हालांकि अभी किसी के नाम में संशोषन करना या जुड़वाना है, हटाना है तो वो नामांकन के आखिरी दिन तक करवा सकता है। निर्वाचन विभाग ने इसके लिए बाकायदा कार्यक्रम जारी किया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने साफ किया है कि नामांकन के आखिरी दिन जो मतदाता सूची होगी, उसी के आधार पर चुनाव होंगे।

वहीं अंतिम मतदाता सूची पर गौर करें तो 2013 के मुकाबले पुरुषों के बजाय महिला वोटर्स ने बढ़ोतरी में बाजी मारी है। इसमें अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन के समय कुल महिला वोटर्स 2 करोड़ 27 लाख 18647 हैं। जबकि 2013 में महिला वोटर्स 1 करोड़ 92 लाख 76 हजार थीं। इस लिहाज से 34 लाख 42 हजार महिला वोटर्स बढ़ीं हैं। पहीं पुरुष वोटर्स 33 लाख 10 हजार ही बढ़े हैं। अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन के समय पुरुष वोटर्स 2 करोड़ 47 लाख 60 हजार 755 हैं, जबकि 2013 चुनाव में पुरुष वोटर्स 2 करोड़ 14 लाख 50 हजार थे।

इसी प्रकार से सर्विस वोटर्स मतदाता सूची अंतिम प्रकाशन के समय 1 लाख 13 हजार 642 हैं, जो 2013 में 1 लाख 3 हजार थे। ऐसे में सर्विस वोटर्स की संख्या में 10 हजार का इजाफा हुआ। 2013 में विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 4 करोड़ 07 लाख 26 हजार 144 थी। इसकी तुलना में इस विधानसभा चुनाव के लिए मतदाताओं सूचियों के अंतिम प्रकाशन के बाद 67 लाख 53 हजार से ज्यादा मतदाता बढ़े हैं। 

ये है कार्यक्रम :
- 2 अक्टूबर को प्रदेश की सभी ग्राम और वार्ड सभाओं में मतदाता सूचियों का पठन किया जाएगा।
- 3 और 4 अक्टूबर को भी शाम 4 से 8 बजे तक यह क्रम चलेगा।
- 7 अक्टूबर को सुबह 9 से शाम 6 बजे तक राज्य के सभी 51 हजार 796 मतदान केंद्रों पर अंतिम रूप से प्रकाशित मतदाता सूचियां प्रदर्शित की जाएंगी।
- आम लोगों के साथ राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से इस कार्य में सहयोग की अपील 
- नाम जुड़वाने का क्रम विधानसभा चुनाव के नामांकन पत्र दाखिल करने की आखिरी तिथि तक चलेगा।

नाम जुड़वाने का ये है तरीका :
- अगर किसी भी मतदाता को अपने में कुछ संशोधन कराना है , या अगर और कोई समस्या है, या फिर नाम जुड़वाना है तो निर्वाचन विभाग या संबंधित बीएलओ के पास जाए और उनके पास से एक फार्म भर कर दें। बीएलओ तत्काल ऑनलाइन उसमे नाम जोड़ने हटाने या संशोधन का काम कर देगा। हालांकि अभी स्वयं ऑनलाइन मतदाता सूची में कोई संशोधन नहीं कर सकता। इसके लिए बीएलओ के पास जाकर फार्म भरकर ही करना पड़ेगा।