कोटा.प्रभारी मंत्री के सामने समीक्षा बैठक में विधायक प्रहलाद गुंजल द्वारा चंद्रकांता मेघवाल को दो कौड़ी का बताने वाला मामला प्रधानमंत्री, राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित अन्य नेताओं के पास पहुंच गया है। विधायक चंद्रकांता ने इस मामले की शिकायत सभी से की है। उन्हें मेल भेजकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी गई है। इसी क्रम में उनके समर्थन में समाज के लोगों की ओर से दो जगह गुंजल के पुतले जलाकर विरोध दर्ज करवाया गया।

विधायक चंद्रकांता ने संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों को शिकायत भेजी

- चंद्रकांता मेघवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय अध्यक्ष अमित शाह, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल, मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, एवं प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेकर को अलग-अलग पत्र भेजकर 12 मई को कलेक्ट्रेट के टैगोर हाल में हुई घटना की जानकारी दी।                                                                                                                                                                   - उन्होंने कहा कि प्रभारी मंत्री प्रभुलाल सैनी तथा अन्य विधायकों, प्रशासनिक अधिकारियों के सामने विधायक प्रहलाद गुंजल ने उन्हें दो कौड़ी की महिला का संबोधन करके सार्वजनिक रूप से अपमानित किया है। उन्हें संबोधित करते हुए कहा कि यह दो-दो कौड़ी के लोग जिनको राजनीति में हम लेकर आए हैं, जो इस तरह की हिम्मत कर रहे हैं। इससे वे अपने अापकों को काफी अपमानित तथा असुरक्षित महसूस कर रही है। इस घटना के बाद से मैं काफी सदमें में हूं।                                                                                                                                              - उन्होंने लिखा कि विधायक गुंजल पूर्व में भी अनेकों बार शादी समारोह,सार्वजनिक स्थलों व मिडिया में बयान देकर मुझे व सैंकडों अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोगों को अपमानित कर चुके है।                                                                                                                                                                                                                                                                  - 15 अप्रैल 2018 को भी उन्होंने बयान दिया कि मैं मेघवाल की बातों का जवाब देना अपना लेवल नहीं समझता, यह आदतन अनुसूचित जाति,अनुसूचित जन जाति के लोगों को सार्वजनिक रूप से अपमानित करते रहते हैं। जिसके कारण राजस्थान प्रदेश में अनुसूचित जाति,जनजाति के लोगों में काफी आक्रोश व्याप्त हो चुका हैं।

- मेघवाल ने सम्पूर्ण घटनाक्रम एवं आगामी विधानसभा व लोकसभा चुनावों को देखते हुऐ पार्टी हित में शीघ्र अति शीघ्र उचित कार्यवाही करने की मांग की है ताकि ऐसे प्रकरण दोबारा राजस्थान प्रदेश में नहीं हो सकें।

ये है पूरा मामला

कोटा उत्तर से भाजपा विधायक प्रहलाद गुंजल व रामगंज मंडी विधायक चंद्रकांता मेघवाल के बीच लंबे समय में चली आ रही अदावत शनिवार को खुलकर सामने आ गई। प्रभारी मंत्री प्रभुलाल सैनी की समीक्षा बैठक में अपने-अपने विधानभा क्षेत्रों में काम करवाने को लेकर दोनों विधायकों के बीच तनातनी इतनी बढ़ गई कि मर्यादाएं तार-तार हो गईं। गुंजल ने चंद्रकांता को दो कौड़ी की कहा, तो जवाब में चंद्रकांता ने भी उन्हें दो कौड़ी का बता दिया। दोनों के बीच जुबानी जंग चलती रही और प्रभारी मंत्री चुपचाप सब सुनते रहे।

एेसे शुरु हुआ विवाद
बैठक में विवाद की शुरुआत उस समय हुई, जब विधायक गुंजल ने कहा कि मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के बावजूद हाईवे-76 के बाईपास पर बंधा धर्मपुरा जाने वाले मार्ग पर बनने वाले अंडरपास के काम को लटकाया जा रहा है। यूआईटी उस पर काम नहीं कर रहा। विधायक चंद्रकांता ने इसका विरोध करते हुए कहा कि इसकी अभी कोई जरूरत नहीं है। मेरे विधानसभा क्षेत्र में लोगों काे नाली-पटाव व सड़क की आवश्यकता है, इसलिए पहले वे काम किए जाएं। इसी को लेकर दोनों में तीखी बहस हो गई।

यूं हुई मर्यादाएं तार-तार
गुंजल:
 सीएम की बजट घोषणा है, अंडरपास बनाओ। 
चंद्रकांता:अंडरपास की आवश्यकता नहीं है, इसकी जगह मेरे विधानसभा क्षेत्र में नाली-पटाव बनाओ। 
गुंजल (गुस्से में): दो-दो कौड़ी के लोग जिनको हम राजनीति में लाए आज ऐसी बात कर रहे हैं। 
चंद्रकांता: मैं दो कौड़ी की तो आप भी दो कौड़ी के हैं, मेरे भाजपा में रहने से आपत्ति है तो निकलवा दो। 
गुंजल: मर्यादा में रहकर बात करो। 
चंद्रकांता (गुस्से में खड़े होकर): मैं मर्यादा में ही हूं, आप कैसे बोल रहे हैं। मैं दो कौड़ी की हूं तो मेरे मां-बाप, पति को परेशानी नहीं।
गुंजल:बैठ जाइए।
चंद्रकांता: यह बोलने का तरीका सही नहीं है, पहले अपने बोलने का तरीका सुधारिए। मेरे विधानसभा क्षेत्र रामगंजमंडी में जाकर मेरे खिलाफ बोलते हैं, वहां कहते हैं जब से मैं यहां से गया विकास शून्य हो गया, मेरे पास पांच दिन पहले बोले गए शब्दों की रिकार्डिंग है। 
चंद्रकांता: मैं महिला हूं, इसलिए इस तरह से मत बोलिए, मैंने हमेशा आपका सम्मान किया है। 
गुंजल: बार-बार धर्मपुरा के लिए कहा जा रहा है, बहुत हो गया, यह ठीक नहीं है 
राजावत: चंद्रकांता के साथ न्याय होगा। 
नंदवाना: नेताजी आप बीच में नहीं बोलें, आप सीनियर हैं, इसलिए यह शोभा नहीं देता। 
राजावत:रोड और नाली तो बनेगी। 
गुंजल: मना कौन कर रहा है, लेकिन अंडरपास भी बनाना पड़ेगा, यह मुख्यमंत्री की बजट घोषणा है। 
मंत्री सैनी: बहुत हो गया, सभी अपनी मर्यादा में रहकर बात करें, अपने क्षेत्र की विधानसभा के बारे में ही बोलें।

मुख्यमंत्री से शिकायत करूंगी

विधायक चंद्रकांता मेघवाल का कहना है कि विधायक को क्या यह बोलना शोभा देता है कि दो कौड़ी के लोग राजनीति में पहुंच जाते हैं। वे दो बार विधायक बने हैं, तो मैं भी दो बार विधायक रही हूं। महिला विधायक के खिलाफ ऐसी टिप्पणी करना गलत है। इसकी शिकायत में मुख्यमंत्री से करुंगी।

कुछ भी बोल सकती हैं विधायक
विधायक प्रहलाद गुंजल ने बताया कि मैंने तो मुख्यमंत्री की बजट घोषणा में शामिल अंडर पास को शीघ्र बनवाने की बात कही थी। अब उस पर कोई योजनाबद्ध तरीके से विधायक चिल्लाए, तो क्या किया जा सकता है। आरोप तो कोई भी किसी पर भी जड़ सकता है, इससे क्या फर्क पड़ता है।

परिवार की बात
प्रभारी मंत्री प्रभुलाल सैनी के मुताबिक, समीक्षा बैठक में विधायकों ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में विकास के मुद्दे उठाए हैं, जिस प्रकार से वे सड़क, नाली पटान व अंडरपास के मु्द्दे उठा रहे थे, उससे लग रहा था जैसे उनमें होड़ मची है। ऐसे में थोड़ी बहुत गरमा-गर्मी हो जाती है। यह परिवार का मामला है, किसी ने किसी पर बदनीयती से आरोप नहीं लगाया है।