जोधपुर:आज नवरात्र की अष्टमी और नवमी दोनों साथ होने के कारण प्रदेश के अन्य जिलों की तरह जोधपुर के देवी मंदिरों में भी पूजा-अर्चना का दौर जारी है, मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का जन्म पुष्य नक्षत्र में हुआ था। इस बार पुष्य नक्षत्र योग में ही रामनवमी महोत्सव का अनूठा संयोग हुआ है। यह योग चैत्र नवरात्रा के आठवें दिन यानि आज अष्टमी व नवमी साथ-साथ मनाई जाएगी। आज से नवमी तिथि भी शुरू गई है। यह कल सुबह 6:04 बजे तक रहेगी। भगवान श्रीराम का जन्म दोपहर बारह बजे हुआ था। इसलिए पंडितों की नजर में आज के दिन रामनवमी मनाया जा रहा है।

प्रदेश के अन्य जिलों की तरह जोधपुर के देवी मंदिरों में भी पूजा-अर्चना का दौर जारी है, जोधपुर के मेहरानगढ किले स्थित मां चामुण्डा मंदिर से लेकर रातानाडा पुलिस लाइन स्थित मां जगदम्बा मंदिर और हाईकोर्ट कॉलोनी स्थित मां दुर्गा मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। आज अष्टमी और नवमी के साथ-साथ पुष्य नक्षत्र होने से सुखद सहयोग भी माना जा रहा है क्योंकि आज ही रामनवमी भी है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का जन्म पुष्य नक्षत्र में हुआ था। इस बार पुष्य नक्षत्र योग में ही रामनवमी महोत्सव का अनूठा संयोग हुआ है। पुष्य नक्षत्र सभी 27 नक्षत्रों में सबसे सर्वश्रेष्ठ नक्षत्र माना गया है। भगवान राम का जन्म नवमी तिथि को मध्याह्न काल में हुआ था। मध्यान्ह काल में नवमी तिथि शनिवार को होने से रामनवमी का उत्सव शनिवार को ही मनाना जा रहा है। 

जोधपुर के राईकाबाग स्थित बाबा रामदेव जुगल जोडी मंदिर में सुबह से यज्ञ-हवन सामूहिक रूप से आयोजित किया जा रहा है जिसमें हर वर्ग और समाज के लोग शामिल होकर आहूतिया दे रहे है। मंदिर के महंत सैनाचार्य अचलानंद गिरी ने बताया कि सुखद सहयोग होने के साथ-साथ कन्याओं के पूजन की परपंरा रही है। कन्याएं देवी स्वरूपा मानी जाती है। रामनवमी के उपलक्ष्य में शनिवार को भगवान राम के मंदिरों में विशेष धार्मिक कार्यक्रमों की प्रार्थना पूजन स्नान और दोपहर में जन्मोत्सव बनाकर भगवान का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। जोधपुर के नई सड़क से रामनवमी के अवसर पर शुरू हुई शोभायात्रा को लेकर यातायात पुलिस डीसीपी डॉ रवि के निर्देशन में शहर की यातायता व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है ताकि वाहन चालकों को परेशानी न हो।