जैसलमेर:पश्चिमी राजस्थान की धोरों की धरती में राजनीति के समीकरणों को उथल पुथल करने वाली राजपरिवार की राजनीति आखिर क्या निर्णय लेगी यह तो समझ से परे हैं । लेकिन एक बार फिर से राजपरिवार की पूर्व महारानी रासेश्वरी राज्यलक्ष्मी की सोशल मीडिया में सक्रियता ने बैचेनी बढा दी है। फिलहाल पूर्व महारानी टिकट के लिए संघर्ष कर रही है वहीं अब उनके अगले निर्णय का जैसाणवासी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि कांग्रेस व भाजपा के साथ तालमेल नहीं बैठने के बाद आखिरकार पूर्व महारानी का अंतिम निर्णय क्या होगा। वहीं सोशल मीडिया के माध्यम से पूर्व महारानी यह दोहरा चुकी है उनका चुनाव लडने का मानस अटल है।  

विधानसभा चुनावों की घडियां नजदीक आने के साथ-साथ रेत के समंदर में सियासी गणितें बनती व बिगडती नजर आ रही है। पूर्व महारानी रासेश्वरी राज्यलक्ष्मी के सोशल मीडिया में लम्बे समय बाद फिर से एक्टिव होने से तरह तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से पूर्व महारानी द्वारा अपने बडे पुत्र युवराज चैतन्यराजसिंह द्वार जनसंपर्क किए जाने एवं राजपरिवार को समर्थन करने की पोस्ट लगाई है। 

वहीं पिछले कुछ दिनों से युवराज चैतन्यराजसिंह महलों से बाहर निकलकर ग्रामीण क्षेत्रों में निरंतर जनसंपर्क कर राजपरिवार के लिए समर्थन मांग रहे है। ग्रामीण क्षेत्रों में शक्तिपीठ स्थलों व मंदिरों में धोक लगा रहे है। वहीं पूर्व महारानी लगातार दिल्ली में डेरा डालकर कांग्रेस की टिकट के प्रयास में हैं। सूत्रों के अनुसार भाजपा की नजरें भी पूर्व महारानी के अगले कदमों पर टिकी है। संभावना लगाई जा रही है कि भाजपा भी पूर्व महारानी पर जैसलमेर से दांव खेल सकती है। वहीं अब जैसाणवासियों को इंतजार है राजपरिवार के अंतिम निर्णय का।