चार साल की रोक के बाद एक बार फिर से पश्चिम बंगाल के मदरसा  में शिक्षकों की नियुक्ति को सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिल गई है. साल 2014 में कोलकाता हाई कोर्ट ने नियुक्ति पर ये कहते हुए रोक लगा दी थी कि पश्चिम बंगाल मदरसा सर्विस कमिशन गैर संवैधानिक और गैर कानूनी है.

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद बंगाल के 614 सरकारी सहायता प्राप्त मदरसा 2600 शिक्षक नियुक्त कर सकेंगे. सुप्रीम कोर्ट का ये अंतरिम आदेश है. मामले की अगली सुनवाई 12 जुलाई को होगी.

आपको बता दें कि साल 2014 में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए बोर्ड ने परिणाम घोषित किए थे. जिसके तहत 2,600 से ज़्यादा शिक्षकों की भर्ती की जानी थी, लेकिन हाई कोर्ट के आदेश के बाद इस पर रोक लगा दी गई थी. अब सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कोई नई भर्ती नहीं होगी और इन्हें ही नौकरी पर बुलाया जाएगा.

जस्टिस अरुण मिश्रा और उदय यू ललित की खंडपीठ ने "बच्चों की शिक्षा के हित" को ध्यान में रखते हुए ये फैसला सुनाया है. बेंच ने आदेश देते हुए कहा, '' शिक्षकों की भारी कमी के चलते, शिक्षा पर असर पड़ रहा था. कानूनी दांव-पेंच में ये केस फंसा था.''