विन्द्र कुमार, नई दिल्ली: कर्नाटक चुनाव परिणामों  के तुरंत बाद बीजेपी जश्न मनाने के बजाय 2019 के आम चुनावों की तैयारी में जुटने जा रही है. इस बाबत बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने गुरुवार को पार्टी के 7 मोर्चों की संयुक्त कार्यकारिणी की बैठक ली. बैठक में अमित शाह ने सभी को अभी से तुरंत मिशन 2019 की तैयारी के लिए जुट जाने का स्पष्ट निर्देश दिया. बताया जा रहा है कि बीजेपी के इतिहास में पहली बार सभी मोर्चों के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की संयुक्त बैठक हुई है. जानकारी के मुताबिक गुरुवार शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  भी इस बैठक को संबोधित करेंगे.

2019 में सत्ता में आने का मकसद भारत को विश्वगुरू बनाना है
बैठक में अमित शाह ने अपने नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने 25 करोड़ लोगों से मोदी सरकार ने सीधा संपर्क कर उनके जीवन स्तर सुधारने का प्रयास किया है. उनसे घर-घर जाकर संपर्क करने की जिम्मेदारी सभी मोर्चों की है. अमित शाह ने अपने संबोधन में आगे के अपने लक्ष्यों पर बात करते हुए कहा, "2019 में  भाजपा को सत्ता में आने का मकसद सिर्फ भारत को विश्व गुरू बनाने का है. अंत्योदय की दिशा में कार्य करना है. यह तभी संभव है जब भाजपा, पंचायत से लेकर पार्लियामेंट तक सत्ता में रहेगी. इस दिशा में सबको कार्य करने की आवश्यकता है. भाजपा एक विचार धारा की पार्टी है."

50 साल तक सत्ता में रहने की तैयारी
इस दौरान अमित शाह ने यह भी कहा कि सभी मोर्चों के सदस्यों को देश की जनता के बीच मोदी सरकार की उपलब्धियों को लेकर जाना चाहिए जिससे की हम 2014 की तुलना में 2019 में ज्यादा बड़े बहुमत से जीत कर आएं. इसके साथ ही अमित शाह ने कर्नाटक चुनाव के जीत की बधाई  कार्यकर्ताओं को दी और कहा कि 2019 या 2024 का सवाल नहीं है, हमें देश में लंबे समय तक जनता के बीच जगह बनानी है. पचास साल तक सत्ता में रहने की तैयारी से काम करना है, यानि संगठन मजबूत बनाना है.