नई दिल्ली। देश के सबसे चर्चित केस अगस्ता वेस्टलैंड मामले में नया मोड़ आया है। इस डील में कांग्रेस पार्टी के सीनियर लीडर्स का नाम भी चर्चा में रहा है। अगस्ता वेस्टलैंड डील के बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल को दुबई सरकार ने भारत को प्रत्यर्पण कर दिया है। आज इस डील के बिचौलिए मिशेल को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा।

बतादें साल 2007 में यूपीए सरकार के समय यह सौदा हुआ था।लेकिन 6 साल बाद रिश्वत के आरोप लगने के बाद यह सौदा रद्द कर दिया गया था। अगस्ता-वेस्टलैंड की पैरेंट कंपनी फिनमैकिना पर इटली में भी रिश्वत के आरोप लग चुके हैं। साल 2016 में इसी मामले में वायुसेना के पूर्व चीफ एसपी त्यागी को गिरफ्तार किया गया था। भारत ने 2017 में UAE से माइकल के प्रत्यार्पित करने की मांग की थी

गौरतलब है कि मिशेल को 12 VVIP हैलिकॉप्टर के समझौते को अपने पक्ष में कराने के लिए घूस के रुप में 225 करोड़ रुपये दिए गए।आरोप है कि यूपीए सरकार के दौरान 2010 में हुए इस डील का करार पाने के लिए एंग्लो-इटैलियन कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड ने भारतीय राजनेताओं, रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों, नौकरशाहों समेत वायुसेना के दूसरे अधिकारियों को रिश्वत देने के लिए मिशेल को करीब 350 करोड़ रुपए दिए। इस सौदे में 2013 में घूसखोरी की बात सामने आने पर तत्कालीन रक्षा मंत्री ए के एंटोनी ने ना केवल सौदा रद्द किया बल्कि सीबीआई जांच के आदेश भी दिए।