पश्चिम बंगाल के 20 जिलों में पंचायत चुनावों के लिए वोटिंग जारी है. इस बीच प्रदेश में हिंसा की खबरें भी सामने आ रही हैं. तीन जगहों पर ब्लास्ट हुए हैं. वोटिंग शाम पांच बजे तक चलेगी और 17 मई को नतीजे आएंगे. चुनावों में सुरक्षा को देखते हुए पड़ोसी राज्य असम, ओड़िसा, सिक्किम और आंध्र पद्रेश से करीब 1,500 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं.
देशभर में मौसम की बिगड़ी चाल की वजह से पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में भी सुबह से बारिश हो रही है, जिसकी वजह से मतदाता छाता लेकर अपना-अपना वोट डालने के लिए घरों से निकल रहे हैं. नामांकन प्रक्रिया के दौरान भड़की हिंसा के मद्देनजर पश्चिम बंगाल में कड़े सुरक्षा इंतजाम हैं. अलग-अलग पोलिंग बूथ पर लगभग 1,500 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं.
ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद स्तर पर 58,692 सीटों में से इस बार 38,616 सीटों के लिए ही वोटिंग हो रही है. वहीं बाकी की करीब 34.2% सीटें पहले निर्विरोध रूप से सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के खाते में चल गई हैं.

चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान हुई हिंसा को लेकर राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस, बीजेपी, कांग्रेस और वाम मोर्चा के नेताओं ने एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए. विपक्ष का आरोप है कि सत्तारूढ़ टीएमसी ने नामांकन प्रक्रिया के दौरान हिंसा की. वहीं तृणमूल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि विपक्ष का कोई जनाधार नहीं है और वह चुनाव से बचने का प्रयास कर रहे थे.

तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों पर हिंसा का आरोप लगाते हुए विपक्षी पार्टियों हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी गुहार लगाई थी. वहीं नामांकन दाखिल करने से रोके जाने के विपक्ष के आरोपों के चलते हाईकोर्ट ने उम्मीदवारों को वाट्सऐप और ईमेल के जरिए भी नामांकन भरने की इजाजत दी थी.

ऐसे में पंचायत चुनाव को लेकर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं. यहां असम, ओडिशा, सिक्किम और आंध्र प्रदेश से लगभग 1,500 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है. सुरक्षा बलों ने सुरक्षा प्रबंधों के तहत राज्य के विभिन्न भागों में रविवार को मार्च भी निकाला.