नई दिल्ली. देश भर में कोरोना वायरस (Coronavirus) के 360 के करीब मामले सामने आ चुके हैं. कोरोना वायरस से भारत में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है. देश के 75 के करीब जिलों को 31 मार्च तक लॉकडाउन किए जाने की घोषणा हो चुकी है वहीं दिल्ली, तेलंगाना जैसे राज्यों ने भी 31 मार्च तक अपने बॉर्डर सील कर देने की घोषणा कर दी है. केंद्र और राज्य सरकारें कोरोना से लड़ने के लिए अपने-अपने स्तर पर चिकित्सीय और जांच की सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं. ऐसी परिस्थिति में देश के उद्योगपति भी देश की मदद के लिए आगे आ रहे हैं. वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड (Vedanta Resources Limited) के एक्सीक्यूटिव चेयरमैन अनिल अग्रवाल (Anil Agarwal) मदद के लिए आगे आए हैं. अनिल अग्रवाल ने रविवार को ट्वीट किया कि- "मैं इस महामारी से निपटने के लिए 100 करोड़ देने का वादा करता हूं. #DeshKiZarooratonKeLiye एक प्रतिज्ञा है जिसे हमने शुरू किया और यह वह समय है जब हमारे देश को हमारी सबसे अधिक आवश्यकता है. बहुत से लोग अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं और मैं दैनिक वेतन भोगियों के बारे में विशेष रूप से चिंतित हूं, हम मदद करने के लिए अपनी पूरी कोशिश करेंगे."

वहीं मंहिद्र ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने कहा कि- "महामारी विशेषज्ञों की विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, यह अत्यधिक संभावना है कि भारत पहले से ही कोरोना के प्रसार के तीसरे चरण में है. इससे संक्रमित लोगों की संख्या में लाखों का इजाफा हो सकता है जिससे चिकित्सा बुनियादी ढांचे पर भारी दबाव पड़ेगा. अगले कुछ हफ्तों में लॉकडाउन स्थिति को ठीक करने में मदद करेगा और चिकित्सा देखभाल पर बने दबाव को मध्यम करेगा. -हालांकि, हमें अस्थायी अस्पतालों को बनाने की जरूरत है और हमारे पास वेंटिलेटर की कमी है."

महिंद्रा ने आगे लिखा- "इस अभूतपूर्व खतरे में मदद करने के लिए, हम महिंद्रा समूह में तुरंत काम शुरू करेंगे, ताकि हमारी विनिर्माण सुविधाएं वेंटिलेटर बना सकें. महिंद्रा हॉलीडेज़ के अपने रिसॉर्ट्स को हम अस्थायी देखभाल सुविधाओं के रूप में देने के लिए तैयार हैं."

उन्होंने लिखा- "हमारी परियोजना टीम अस्थायी देखभाल सुविधाओं के निर्माण में सरकार / सेना की सहायता के लिए तैयार है. -महिंद्रा फाउंडेशन एक फंड का निर्माण करेगा जिससे एक वैल्यू चेन तैयार हो जिसकी मदद से हम अपने (छोटे व्यवसायियों और स्वरोजगार कर रहे लोगों की मदद कर सकें जिन पर इसका सबसे बुरा प्रभाव पड़ रहा है."

महिंद्रा ने आगे कहा-  "हम सहयोगियों को फंड में स्वेच्छा से योगदान करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे. मैं इसमें अपने वेतन का 100% योगदान दूंगा और अगले कुछ महीनों में इसे और बढ़ा दूंगा. मैं अपने सभी विभिन्न व्यवसायियों से आग्रह करता हूं कि वे उन लोगों के लिए भी अलग योगदान दें, जो अपने पारिस्थितिक तंत्र में सबसे ज्यादा परेशान हो रहे हैं."