उदयपुर के वल्लभनगर से विधायक गजेंद्र सिंह शक्तावत का दिल्ली में निधन हो गया। 48 वर्ष के शक्तावत आईएलबीएस अस्पताल में भर्ती थे। लिवर की समस्या को लेकर उनका पिछले 37 दिनों से उपचार चल रहा था। उन्होंने बुधवार सुबह 5 बजे अंतिम सांस ली। शक्तावत को इलाज के दौरान ही कोरोना संक्रमण भी हो गया था, लेकिन उन्हाेंने कोरोना को हरा दिया था। उनकी कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव आ गई थी। लेकिन, निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर की जांच की गई तो वह पॉजिटिव मिले। अब उनका अंतिम संस्कार कोरोना प्रोटोकॉल के तहत होगा।

दिल्ली में परिवहन मंत्री प्रताप सिंह ने गजेंद्र सिंह शक्तावत के परिजनों से की मुलाकात।

दिल्ली में परिवहन मंत्री प्रताप सिंह ने गजेंद्र सिंह शक्तावत के परिजनों से की मुलाकात।

गजेंद्र सिंह उदयपुर की वल्लभनगर विधानसभा सीट से दूसरी बार विधायक बने थे। इससे पहले 2008 में भी कांग्रेस पार्टी के टिकट पर सीट जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। इसके बाद पार्टी ने उन्हें संसदीय सचिव की भी जिम्मेदारी दी थी। बता दें कि वह कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे पूर्व गृहमंत्री गुलाब सिंह शक्तावत के बेटे थे। गजेंद्र सिंह शक्तावत के परिवार में 5 सदस्य थे। जिनमें उनकी पत्नी प्रीति शक्तावत दो बेटियां और एक बेटा शामिल है।

गजेंद्र सिंह के निधन के बाद उनके पैतृक आवास पर जुटे समर्थक।

गजेंद्र सिंह के निधन के बाद उनके पैतृक आवास पर जुटे समर्थक।

गजेंद्र सिंह शक्तावत के निधन पर उनके समर्थक में गम का माहौल है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने भी शक्तावत के निधन पर संवेदना व्यक्त की है।

वहीं, सीएम गहलोत ने शक्तावत के निधन के बाद आज होने जा रही कैबिनेट बैठक को भी निरस्त कर दी है। बता दें कि गजेंद्र सिंह शक्तावत सचिन पायलट खेमे के खास नेता माने जाते थे। बीते दिनों हुए राजनीतिक घटनाक्रम में शक्तावत ने सचिन पायलट का साथ दिया था।