वाशिंगटन. अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट (US Supreme Court) ने न्याय विभाग के लिए महिला अपराधी लीजा मोंटगोमेरी (Lisa Montgomery) की फांसी (Execution) के लिए रास्ता साफ कर दिया है. अमेरिका में लगभग सात दशक के बाद किसी महिला को फांसी की सजा दी गई है.  लीजा को बुधवार की सुबह फांसी की सजा दी गई. 52 साल की लीजा को स्थानीय समयानुसार रात के 1ः31 बजे मृत घोषित किया गया. लीजा ने 16 साल पहले एक गर्भवती महिला की गला घोंटकर हत्या करने के बाद उसका पेट चाकू से चीरकर आठ महीने की बच्ची को गर्भ से खींचकर निकाल कर अपने कब्जे में ले लिया था.  इससे पहले अमेरिकी सरकार ने 18 दिसंबर 1953 को बाॅनी ब्राउन हेडी को मिसूरी में 6 साल के बच्चे के अपहरण और उसके कत्ल के लिए फांसी की सजा दी थी.

मोंटगोमेरी की फांसी को स्थायी रूप से रोक दिया था

बुधवार रात इस फैसले की काॅपी मिलने के बाद फेडरल ब्यूरो आॅफ प्रीजन लीजा मोंटगोमेरी काी फांसी की प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकेगा. 8वीं यूएस सर्किट कोर्ट आॅफ अपील द्वारा लगाई गई रोक को अदालत ने हटा लिया. इसके तहत मोंटगोमेरी की फांसी को स्थायी रूप से रोक दिया गया था. इस मामले में कोलंबिया जिले के यूएस सर्किट कोर्ट अपील ने भी निषेधाज्ञा जारी की थी जिसे सुप्रीम कोर्ट द्वारा हटा दिए जाने के कुछ घंटों बाद यह फैसला सामने आया है.

2004 में लीजा ने गर्भवती महिला की हत्या कर दी थी
मोंटगोमेरी को मंगलवार को इंडियाना के तेर्रे हाउते में एक केंद्रीय कारागार में मृत्युदंड दिया जाना है.
मोंटगोमेरी को को नव-निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन के शपथ लेने से आठ दिन पहले मौत की सजा दी जानी थी, जो मौत की सजा के खिलाफ रहे हैं. लेकिन इंडियाना के दक्षिणी जिले के लिए जिला जज पैट्रिक हैनलॉन ने सोमवार देर रात यह कहते हुए मृत्यु दंड पर रोक लगा दी थी कि मोंटगोमेरी की मानसिक स्थिति का निर्धारण किया जाना जरूरी है. बता दें कि मोंटगोमेरी को टेक्सा के कार्सवेल में एक फेडरल मेडिकल सेंटर में रखा जा रहा है. यह मानसिक रूप से बीमार कैदियों के लिए जेल है.

मोंटगोमेरी के वकील ने कोर्ट में उसके बचाव में यह तर्क दिया था कि लीसा मानसिक रूप से ठीक नहीं है और इसलिए उन्हें फांसी की सजा देना ठीक नहीं होगा. उनका यह भी कहना था कि उन्हें पिछले कई सालों से शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ना मिलती रही है और वह गंभीर रूप से मानसिक तौर पर बीमार है.