वाशिंगटन:ट्रंप सरकार (Donald Trump) ने एक अहम फैसला लेते हुए बुधवार को अमेरिकी संसद को बताया कि लोगों को कोरोना वैक्सीन (COvid-19 Vaccine) मुफ्त में उपलब्ध कराई जाएंगी. सरकार ने बुधवार को कांग्रेस को इससे जुड़ी रिपोर्ट सौंपी और बताया कि वैक्सीन के लिए आम नागरिकों से पैसे लेने का सवाल ही पैदा नहीं होता. त्र्वम्प सरकार ने कहा है कि सभी राज्यों को भी इसके बारे में एक बुकलेट के जरिए बताया गया है. उधर एक खोज में सामने आया है कि अमेरिका में कोरोना के मामले दिसंबर 2019 में ही सामने आने शुरू हो गए थे.

इस बुकलेट के मुताबिक वैक्सीन लगाने के अभियान के लिए हेल्थ एजेंसियों और रक्षा विभाग ने योजना तैयार की है. इसके लिए अगले साल जनवरी या इस साल के आखिर तक अभियान शुरू किया जा सकता है. वैक्सीन के डिस्ट्रीब्यूशन का काम पेंटागन करेगा, लेकिन इसे लगाने का काम सिविल हेल्थ वकर्स करेंगे. उधर यूएस सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक, अमेरिका में कोरोनावायरस का असर जनवरी 2020 में शुरू हुआ था. हालांकि एक नए रिसर्च इस दावे को खारिज कर दिया गया है.

यूसीएलए के मुताबिक, कोरोनावायरस जनवरी 2020 में नहीं, बल्कि दिसंबर 2019 में ही अमेरिका पहुंच चुका था. यह रिसर्च जर्नल ऑफ मेडिकल इंटरनेट पर जारी हुई है. रिसर्च टीम ने पाया कि 22 दिसंबर के पहले ही अमेरिका के कई अस्पतालों और क्लीनिक्स में मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई थी. ज्यादातर मरीजों को सांस लेने में दिक्कत और बदन दर्द की समस्या हुई थी. अमेरिका में पहला मामला जनवरी के मध्य में सामने आया था. यह व्यक्ति चीन के वुहान से लौटा था.
 

भारत को मिलेगी रूस की स्पूतनिक वैक्सीन
बता दें कि रूस भारतीय फार्मा कंपनी डॉ. रेड्डी को 10 करोड़ स्पूतनिक V वैक्सीन बेचेगा. इसके लिए रशियन डायरेक्ट इनवेस्टमेंट फंड के साथ डॉ. रेड्डी लेबोरेट्रीज ने समझौता किया है. रूस के सॉवरेन वैल्थ फंड ने बुधवार को इसकी जानकारी दी. इस वैक्सीन का फिलहाल ट्रायल चल रहा है. इसे गामेलया रिसर्च इंस्टीट्यूट ने तैयार किया है. इसकी डिलिवरी ट्रायल खत्म होने के बाद और भारत में इसके रजिस्ट्रेशन के बाद शुरू होगी.