नई दिल्ली, भारत फीफा अंडर-17 विश्वकप फुटबॉल टूर्नामेंट में खेलने का ऐतिहासिक सफर जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में अफ्रीकी टीम घाना के हाथों 0-4 की हार के साथ समाप्त हुआ। पहली बार फीफा के बड़े टूर्नामेंट में भाग ले रहे भारत ने विश्वकप के ग्रुप-ए में अपने तीनों मुकाबले हारे। उसे पहले मैच में अमेरिका से 0-3 से और दूसरे मैच में कोलंबिया के हाथों 1-2 से हार का सामना करना पड़ा था। भारत ने कोलंबिया के खिलाफ जिस तरह का सराहनीय संघर्ष किया था उसे देखते हुए उम्मीद थी कि वह घाना के खिलाफ वैसा ही प्रदर्शन करेगा, लेकिन घाना के मजबूत कद काठी के खिलाड़ी गति और कौशल में भारतीय खिलाडिय़ों पर 21 पड़े।

मैच का लब्बोलुबाव यह रहा कि खेल के पूरे समय के दौरान गेंद लगभग 75 मिनट भारतीय पाले में रही। शुरुआती 10 मिनट छोड़ दिए जाए भारतीय टीम घाना के खिलाफ कहीं पर भी चुनौती देने लायक हालत में नहीं थी। अंतिम सीटी बजते ही घाना ने यह मैच 4-0 के बड़े अंतर से जीत लिया। उधर नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में कोलंबिया ने इसी ग्रुप-ए में अमेरिका की मजबूत टीम को 3-1 से चौंकाकर शानदार जीत अपने नाम की। घाना और कोलंबिया को नॉकआउट दौर में पहुंचने के लिए अपने यह मुकाबले हर हाल में जीतने थे और दोनों ही टीमों ने बड़े अंतर से जीत हासिल की।