भोपाल:विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के बाद अब केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने भी अगले साल होने वाला लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि चुनाव से दूर रहकर वह अगले डेढ़ साल तक गंगा की सफाई और राम मंदिर जैसे मुद्दों पर फोकस करेंगी। बता दें कि इससे पहले केन्द्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी 2019 LokSabha Election नहीं लड़ने का ऐलान कर चुकी हैं। हालांकि उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि अभी राजनीति से संन्यास लेने का फैसला नहीं लिया है।

भोपाल पहुंची केंद्रीय मंत्री एवं उत्तर प्रदेश के झांसी से सांसद उमा भारती ने कहा कि वे राम मंदिर मसले पर ज्यादा से ज्यादा काम करना चाहती हैं। इसीलिए मैं पार्टी से इसके लिए अनुमति मांगकर 15 जनवरी से गंगा प्रवास करूंगी। अगले डेढ़ साल तक चुनावों से दूर रहते हुए गंगा की सफाई और राम मंदिर जैसे मुद्दों पर फोकस करेंगी। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया है कि मैं मरते दम तक राजनीति करूंगी, लेकिन डेढ़ साल राम और गंगा के लिए काम करूंगी। इसलिए मैंने फैसला किया है कि इस बार 2019 में लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ूंगी।

भाजपा के फायर ब्रांड नेताओं में से एक उमा भारती ने कहा कि राम मंदिर के अध्यादेश के लिये सकारात्मक माहौल बनाना होगा, इसके लिए किसी आंदोलन की जरूरत नहीं। 2010 में फैसला आ चुका है कि बीच का डोम राम लला का है। ऐसे में सब पार्टियों को एक करने का प्रयास किया जाना चाहिए। मुझे जब भी कहा जाएगा मैं कोशिश करूंगी। राम मंदिर का मसला देश के सौहार्द के साथ जुड़ा है, इसलिये जितने जल्दी हो सके समाधान करना चाहिए।

गौरतलब है कि इससे पूर्व विदेश मंत्री एवं मध्य प्रदेश के विदिशा लोकसभा सीट से सासंद सुषमा स्वराज ने भी 2019 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है। उन्होंने यह फैसला अपनी सेहत को देखते हुए लिया है। चिकित्सकों ने उन्हें इन्फेक्श से बचने की सलाह दी है। इसलिए विदेश मंत्री ने अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में नहीं उतरने का फैसला किया। 41 साल से सक्रिय राजनीति का हिस्सा रहते हुए अब केंद्रीय मंत्री की भूमिका निभा रहीं सुषमा स्वराज ने कहा कि दिसंबर 2016 में किडनी ट्रांसप्लांट के बाद से डॉक्टरों ने मुझे धूल से बचने की हिदायत दे रखी है।