अरूणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रेमा खांडू इन दिनों तवांग जिले में अपने विधानसभा क्षेत्र मुकटो के दौरे पर हैं। इस दौरान गुरुवार को वह समुद्रतल से 14 हजार 500 फीट की ऊंचाई पर बसे लुगुतांग गांव पहुंचे। यहां तक का रास्ता उन्होंने 11 घंटे में 24 किमी. तक ट्रेकिंग करते हुए तय किया। लुगुतांग गांव के लोगों से मिलने के लिए उन्हें जंगल से होकर भी गुजरना पड़ा। उन्होंने खुद ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।

खांडू ने ट्वीट किया- 16 हजार फीट ऊंची कारपु-ला पहाड़ी को पार कर 14 हजार 500 फीट की ऊंचाई पर स्थित लुगुतांग गांव तक का सफर काफी कठिन रहा। उन्होंने इस ट्वीट के साथ एक वीडियो भी पोस्ट किया, जिसमें वह पहाड़ियां चढ़ते नजर आ रहे हैं।

खांडू ने गांव के लोगों के साथ बैठक की

खांडू ने गांव पहुंचने के बाद वहां के लोगों के साथ बैठक की। उनसे सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं के बारे में चर्चा की। उन्होंने एक दूसरे ट्वीट में कहा- यह तय करने की कोशिश की सरकारी योजनाएं सुदूर इलाकों में रहने वाले लोगों तक पहुंच सके। इस गांव तक सड़क के जरिए नहीं पहुंचा जा सकता। पहाड़ियों से होते हुए गांव तक पहुंचने के दौरान कारपु- ला पहाड़ी और कई पहाड़ी झीलों का मनोरम नजारा देखने को मिला।

मुख्यमंत्री ने गांव वालों के साथ दो दिन बिताए

मुख्यमंत्री के साथ तवांग के विधायक सेरिंग ताशी भी इस गांव में पहुंचे थे। यहां पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने गांव वालों के साथ जांगचूप स्तूप के अभिषेक में हिस्सा लिया। इस स्तूप को खांडू के पिता और पूर्व मुख्यमंत्री दोर्जी खांड के नाम पर बनवाया गया है, जिनकी 2011 के अप्रैल में लुगुतांग गांव के पास ही हेलिकॉप्टर क्रैश होने में मौत हो गई थी। वापस नीचे लौटने से पहले मुख्यमंत्री ने गांव के लोगों के साथ ही दो दिन बिताए।