नई दिल्ली : एक छोटी सी गलती के लिए भारतीय रेलवे  को हजारों रुपये का नुकसान हुआ है. यूपी के सहारनपुर की एक उपभोक्ता अदालत ने टिकट पर गलत तारीख लिखे जाने पर रेलवे पर यह जुर्माना लगाया है. दरअसल, विष्णु कांत शुक्ला नाम के एक शख्स ने कोर्ट में भारतीय रेलवे पर केस फायर करते हुए कहा था कि 2013 में सफर के दौरान उनकी टिकट पर गलत तारीख लिखी हुई थी. कांत का कहना है कि उनके टिकट पर 2013 की बजाय 1000 साल आगे की तारीख यानि की 3013 लिखा हुआ था, जिसके कारण उन्हें सफर के दौरान परेशानी हुई.

गलत टिकट दिखाने के कारण टीसी ने सीट से उतारा
कोर्ट में सुनवाई के दौरान कांत ने कहा कि 19 नवंबर 2013 को वह हिमगिरि एक्सप्रेस से सहारनपुर से जौनपुर की यात्रा कर रहे थे. इसी दौरान गलत टिकट होने के कारण टीसी ने उन्हें अपनी सीट छोड़ने के लिए कहा और फिर मुरादाबाद स्टेशन पर ट्रेन से उतरने के लिए कहा. बता दें कि विष्णु कांत शुक्ला एक रिटायर प्रोफेसर है. उन्होंने कहा कि टीसी ने उन्हें ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्रियों के सामने अपमानित भी किया. कोर्ट में आगे बोलते हुए कांत ने कहा, 2013 की मेरी यह यात्रा काफी अहम थी, मैं अपने दोस्त के घर जा रहा था, क्योंकि उसकी पत्नी की मौत हो गई थी.

टीसी ने लिया था जुर्माना
कांत ने कहा कि गलत टिकट दिखाने पर टीसी ने उनसे 800 रुपये का जुर्माना भी लिया था. कांत की बात सुनने और टिकट देखने के बाद कोर्ट ने रेलवे को 10000 रुपये का हर्जाना और 3 हजार रुपये अतिरिक्त मुआवजे के तौर पर देने के लिए कहा है. 2013 में हुई इस घटना पर फैसला आने में 5 साल का समय लग गया.