नई दिल्ली, वीके शशिकला को जेल में वीवीआईपी ट्रीटमेंट देने का आरोप लगाने वाली DIG डी रूपा का ट्रांसफर कर दिया गया है। डी रूपा का ट्रांसफर ट्रैफिक डिपार्टमेंट में किया गया है। गौरतलब है कि डीआईजी डी रूपा ने शनिवार को एआईएडीएमके अध्यक्ष शशिकला मामले में अपनी दूसरी रिपोर्ट डीजीपी एचएन सत्यनारायण राव को सौंपी थी। जिसमें उन्होंने जेल में चल रहे भ्रष्टाचार का खुलासा किया था। DIG डी रूपा के ट्रांसफर पर कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि यह प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है। वहीं मीडिया के सवालों से बचते हुए उन्होंने कहा कि मीडिया को सबकुछ बताना जरूरी नहीं है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक अपनी रिपोर्ट में डी रूपा ने केंद्रीय जेल में रख-रखाव के मामलों पर प्रकाश डाला था। इसके साथ ही उन्होंने एआईएडीएमके अध्यक्ष वीके शशिकला को वीआईपी ट्रीटमेंट देने संबंधित कई महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज डिलीट किए जाने का आरोप लगाया था। रिपोर्ट में बताया गया था कि विजिटर गैलरी में केवल दो सीसीटीवी कैमरा मौजूद हैं। कैमरा नंबर 8 और 9 एडमिशन रूम के पास लगे हुए हैं जिनमें रिकॉर्डिंग की सेवा उपलब्ध नहीं है। शशिकला को एक अलग कमरा दिया गया था कि जिसमें वह किसी से भी मिल सकती थीं। सभी घटनाएं कैमरे में कैद हुई थीं, लेकिन उसकी रिकॉर्डिंग डिलीट कर दी गई। गौरतलब है कि डीआईजी रूपा ने जेल प्रशासन पर स्पेशल ट्रीटमेंट देने का आरोप लगाया था। डीआईजी ने अपने वरिष्ठ अधिकारी डीजीपी सत्यनारायण राव पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया था। उनका आरोप है कि शशिकला को स्पेशल ट्रीटमेंट देने के लिए दो करोड़ रुपये की रिश्वत दी गई थी। हालांकि राव ने डीआईजी के सभी आरोप को गलत बताया था।