अजमेर में चल रहा नाइट कर्फ्यू व्यापारियों को रास नहीं आ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि जब चुनाव हो रहे है, स्कूल खोले जा रहे है। कोरोना का प्रभाव अब खत्म सा हो गया है और वैक्सीन भी आ चुकी है तो ऐसे में समय की पाबंदी का कोई ओचित्य नहीं है। इस सम्बन्ध में व्यापारियों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर नाइट कर्फ्यू खत्म करने व 20 जनवरी से पूरे समय बाजार खोलने की मांग की है।

अजमेर शहर व्यापार संघ के अध्यक्ष किशन गुप्ता, संरक्षक भगवान चंदीराम, म़़ंत्री गिरीश लालवानी व दिलीप टोपीवाला, कोषाध्यक्ष राकेश डीडवानिया, महामंत्री प्रवीण जैन, प्रवक्ता कमल गंगवाल, विकास अग्रवाल, उपाध्यक्ष सुरेश चारभुजा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक बिन्दल, नरेन्द्रसिंह छाबडा, सुरेन्द्र शेखावत आदि ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा। इसमें बताया कि कोरोना काल में सरकार ने बहुत अच्छा बढिया कार्य किया और व्यापारियो ने समय समय पर सरकारी गाईडलाईन का पालन किया। साथ ही कोरोनाकाल में समस्त व्यापारियो ने तीन माह तक व्यापार भी बंद रखा।

पत्र में बताया कि अब तक सरकारी गाईडलाईन का पालन करते आ रहे है। चूंकि अब इस कोरोना का जो प्रभाव है लगभग खत्म सा हो चुका है और सरकार की तरफ से वेक्सीन लगना भी चालू हो गई है। कोरोना काल में व्यापारी आर्थिक दृष्टि से बहुत पिछड चुके है और काम करने वाले कर्मचारी, मजदूर काफी परेशानी में है। इस आर्थिक मंदी के दौर को दूर करने के लिए व कर्मचारी, मजदूर, खोमचेवाले, ठेले वाले इन सभी वर्गों को ध्यान रखते हुए आने वाली 20 जनवरी से बाजार को खोलने की अनुमति दें और समय की पाबंदी हटाएं।

पत्र में यह भी बताया कि सरकार ने इस कोरोनाकाल में जहां पंचायतीराज चुनाव कराए, वहीं अब नगर निगम, नगर पालिकाओं के चुनाव करवा रही है। साथ ही स्कूल भी खोले जा रहे है तो व्यापारियो के लिए समय की पाबंदी का औचित्य नहीं बनता है। अत: नाइट कर्फ्यू हटाकर राहत दी जाए, अन्यथा व्यापारी आन्दोलन को मजबूर होंगे।