मॉस्को. रूस (Russia) में लगातार तीसरा ऐसा मामला सामने आया है जब कोरोना (Coronavirus) के इलाज में जुटे किसी डॉक्टर की कथित तौर पर अस्पताल की किसी खिड़की या छत से गिरने से मौत हो गयी है. हालांकि इन तीनों डॉक्टर्स में एक बात कॉमन है कि इन तीनों ने ही PPE और अन्य मेडिकल इक्विपमेंट न होने के चलते पुतिन (Vladimir Putin) सरकार की सार्वजनिक रूप से आलोचना की थी.

डेली मेल के मुताबिक अलेक्जेंडर शुलेपाव इन्हीं तीन डॉक्टर में से एक हैं जिन्होंने एक वीडियो बनाकर दावा किया था कि उन्हें कोरोना पॉजिटिव होने के बाद भी उनसे जबरदस्ती काम करवाया जा रहा है. अलेक्जेंडर भी कथित तौर पर अपने हॉस्पिटल की खिड़की से गिर गए और अब जिंदगी-मौत के बीच झूल रहे हैं. अलेक्जेंडर ने दो वीडियो बनायी थीं जिसमें उन्होंने सरकार पर आरोप लगाए थे कि उन पर भयानक स्थितियों में कम करने का लगातार दबाव बनाया जा रहा है और उनकी जान को खतरा है. बाद में खबर आई कि वो अपने अस्पताल की सेकेंड फ्लोर से एक खिड़की से गिर गए और उनके सिर में काफी चोट आई है.

दो और डॉक्टर्स के साथ हुआ ऐसा
रूस के दो और डॉक्टर्स के साथ इसी तरह की घटना सामने आई हैं. इन दोनों डॉक्टर्स ने भी हॉस्पिटल अथॉरिटीज का विरोध किया था और PPE, मास्क और दस्तानों की मांग की थी. इसके बाद ऐसी ख़बरें आयीं कि ये लोग भी अपने हॉस्पिटल की खिड़की से गिर गए और इनकी मौत हो गयी. अलेक्जेंडर के सीनियर कोस्यकिन ने भी अस्पताल में PPE की कमी को लेकर आवाज़ उठायी थी और बाद में उन्हें पुलिस ने फेक न्यूज़ फैलाने के इल्जाम में पूछताछ के लिए बुलाया था.

वीडियो में कोस्यकिन ने कहा था- 'एंबुलेंस डॉक्टर्स एलेक्जेंडर कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, चीफ डॉक्टर अभी भी हमें काम करने के लिए मजबूर कर रहे हैं. हम ऐसे में क्या करें? हम महीनों से साथ एक ही शिफ्ट में काम कर रहे हैं. यहां ऐसे ही हालात बने हुए हैं, सब इसे झूठा बताएंगे लेकिन यही सच है.' हॉस्पिटल के चीफ इगोर पोटानिन ने फिलहाल इन इल्जामों पर कोई भी जवाब देने से इनकार कर दिया है.

आलोचना करते ही छत से गिर जाते हैं डॉक्टर
इसी तरह के एक केस में 48 वर्षीय डॉक्टर नतालिया लेबेदेवा की मॉस्को के स्टार सिटी अस्पताल की छठी फ्लोर की खिड़की से गिर कर मौत हो गयी. बाद में इनके सहकर्मियों ने आरोप लगाया है कि उन्होंने भी अस्पताल प्रशासन से PPE की कमी की शिकायत की थी. इसी तरह 47 वर्षीय डॉक्टर येलेना नेपोमिन्शीशाया क्रास्नोयार्क्स अस्पताल की 60 फिट ऊंची छत से गिर गयीं. उनके सहकर्मियों ने भी मीडिया से बताया है कि वो लगातार PPE और अन्य मेडिकल इक्विपमेंट्स की कमी की शिकायत कर रहीं थीं.