हाल ही में पाकिस्तान के एक रुपए का मूल्य गिरकर भारत की अठन्नी के बराबर हो गया है. पाकिस्तान की मुद्रा रुपये में जारी गिरावट थमने का नाम नहीं ले रही है. पाकिस्तान का सेंट्रल बैंक पिछले सात महीनों में तीन बार अपने रुपये का अवमूल्यन कर चुका है. भारतीय रुपए के लिए ये वाकई फख्र की बात है कि वो पाकिस्तानी मुद्रा से कहीं ज्यादा मजबूत है लेकिन दक्षिण एशियाई देशों की बात करें, तो दो ऐसे छोटे देश हैं, जिनकी करेंसी भारतीय रुपए से मजबूत है.

ये दो छोटे देश ऐसे हैं कि आपको उम्मीद भी नहीं होगी कि उनकी करेंसी भारतीय रुपए से मजबूत या उसके बराबरी की हो सकती है. लेकिन यही सच्चाई है. वैसे जहां तक दक्षिण एशिया के अन्य देशों की बात है तो वहां भारतीय रुपया उन पर भारी बैठता है.

टूरिस्टों के पसंदीदा हैं ये दोनों देश
ये दो देश हैं मालदीव और भूटान. ये दोनों देश ऐसे हैं, जो बहुत छोटे हैं और उनकी आय का साधन काफी हद पर्यटन है. प्रकृति ने इन दोनों ही देशों को प्राकृतिक खूबसूरती से नवाजा है. अगर मालदीव के समुद्र तट बेहद खूबसूरत हैं और वहां दुनियाभर के टूरिस्ट आना पसंद करते हैं तो भूटान पहाड़, झरनों, स्वच्छ हवा और प्रकृति की सुंदरता से भरपूर है.

भूटानी नेगुलत्रम भी कम नहीं
भूटान की मुद्रा का नाम भूटानी नेगुलत्रम है. नेपाल की तरह ही भूटान में भी भारतीय मुद्रा स्वीकार की जाती है. भूटानी नेगुलत्रम की कीमत भारतीय रुपए से मामूली सा ज्यादा है. एक रुपया 0.99 भूटानी नेगुलत्रम के बराबर है. कभी कभी ये रुपये के बराबर भी रहता है लेकिन ये मुद्रा हाल के बरसों में कभी भारतीय रुपए के सामने कमजोर नहीं पड़ी.

मालदीव का रुफैया बहुत मजबूत
मालदीव को समुद्र की सतह के हिसाब सबसे निचला देश माना जाता है. ये 26 छोटे द्वीपों का समूह है. जिन्हें एक दूसरे के साथ जोड़ा गया है. हिंद महासागर से लगे इस देश के मनमोहक समुद्र तटों और उससे सटी खूबसूरती पर कोई भी रीझ सकता है. मालदीव जाने वाले भारतीयों को आन अरायवल वीजा मिलता है लेकिन यहां भारतीय रुपया उस तरह स्वीकार नहीं किया जाता, जिस तरह नेपाल या भूटान में होता है. मालदीव में मालदीवी रुफैया चलता है.

इस पड़ोसी देश में रुपया 23 पैसे के बराबर
मालदीवी रुफैया भारतीय रुपए से खासा मजबूत होता है. भारत का एक रुपया 0.23 मालदीवी रुफैया के बराबर होता है. यानि ये हमारे रुपए से चार गुना ज्यादा मजबूत है. लिहाजा जो सामान अाप भारत में एक रुपए में खरीद सकते हैं, उसके लिए आपको चार रुपए के बराबर मुद्रा खर्च करनी होगी. इसीलिए जब भी भारतीय पर्यटक मालदीव जाते हैं तो उन्हें भारत में घूमने में खर्च होने वाली रकम की चार गुनी रकम ले जाने की सलाह दी जाती है.

श्रीलंका, नेपाल और बांग्लादेश की मुद्राएं हैं कमजोर 
आइए जानते हैं कि दक्षिण एशिया के अन्य देशों में भारतीय मुद्रा का क्या हाल है. नेपाल में धड़ल्ले से भारतीय रुपया स्वीकार किया जाता है. हालांकि भारत में आठ नवंबर 2016 के बाद हुई नोटबंदी के बाद वहां भारत के बड़े नोट लेने में समस्या होने लगी है. भारत का एक रुपया नेपाल के 1.59 नेपाली रुपए के बराबर है. यानि नेपाली मुद्रा भारतीय करेंसी से कमजोर है. इसी तरह श्रीलंका, म्यांमार, बांग्लादेश और अफगानिस्तान की मुद्राएं भी भारतीय करेंसी से कमजोर हैं.

म्यांमार में भारतीय रुपया सबसे मजबूत
भारतीय रुपया सबसे ज्यादा मजबूत म्यांमार में है. वहां की मुद्रा कायत है. एक रुपए में 20.08 म्यांमार कायत मिल जाएंगे. श्रीलंका में इंडियन रुपी 2.36 रुपए का होता है. बांग्लादेश में ये 1.24 बांग्लादेशी टका के बराबर कीमत का है. अफगानिस्तान के अफगानी की कीमत रुपए की तुलना में 1.05 है. भारत के पड़ोसी देश चीन के युआन से भारतीय रुपया जरूर बहुत कमजोर है. एक रुपया 0.09 चीनी युआन के बराबर होता है.

एशिया की पहली दस करेंसी में नहीं
वैसे एशिया में सबसे मजबूत मुद्रा की बात करें तो भारतीय रुपया पहली दस करेंसी में भी नहीं है. एशिया की सबसे मजबूत करेंगी कुवैती दीनार है. एक कुवैती दीनार 3.4 डॉलर के बराबर होता है. उसके बाद बहरैनी दीनार और ओमानी रियाल का नंबर आता है.
एशिया की पहली दस मजबूत करेंसी इस तरह हैं
1. कुवैती दीनार
2. बहरैनी दीनार
3. ओमानी रियाल
4. जार्डनियन दीनार
5. सिंगापुर डॉलर
6. ब्रुनेई डॉलर
7. तुर्कमेनिस्तान मनत
8. मलेशिया रिगिट
9. कतर रियाल
10. संयुक्त अरब अमीरात दिरहम