नई दिल्ली, इस गणेश चतुर्थी पर जयपुरवासी यहां के पांच प्रसिद्ध मंदिरों में जाकर गणेश जी का आर्शीवाद लेना न भूलें। राजधानी के ये मंदिर बहुत ही खास हैं और दूर-दूर तक इनकी मान्यता है। गणेश चतुर्थी पर इन मंदिरों में मेला लगता है, इस मेले में हजारों श्रद्धालु शामिल होकर गणपति का आर्शीवाद लेते हैं, आइए आपको बताते हैं राजधानी के प्रमुख पांच मंदिरों के बारे में ......

मोती डूंगरी गणेश मंदिर:-

 

राजस्थान या जयपुर में ही नहीं बल्कि पूरे भारत में मोती डूंगरी गणेश मंदिर प्रसिद्ध है। गणेश चतुर्थी के अवसर पर यहाँ काफ़ी भीड़ रहती है और दूर-दूर से लोग गणपति के दर्शनों के लिए आते हैं। जयपुरवासियों का कोई भी शुभ काम इस मंदिर में जाए बिना पूरा नहीं होता है।

गढ़ गणेश मंदिर:-

ब्रहमपुरी में पहाड़ी पर स्थित है गढ़ गणेश मंदिर, इस मंदिर में गणेजी की बाल रूप पुरूषाकृति यानि बिना सूण्ड की मूर्ति है। इस मंदिर में दो मूषक मूर्तियां है जिनके कान में भक्त मन्नत मांगते है। गणेश चतुर्थी को यहां मेला लगता है और हजारों की संख्या में भक्त दर्शन करने पहुंचते हैं।

नहर के गणेश जी का मंदिर:-

 

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ब्रहमपुरी में गढ गणेश मंदिर के ठीक नीचे पहाड़ी की तहलटी में नहर के गणेजी का मंदिर स्थित है। पुरातन नागर शैली में बने इस मंदिर में गणेशजी की साढे पांच फीट ऊंची मूर्ति है जिसमें प्रच्छन्न रूप से रिद्धी-सिद्धि, माला और अस्त्रकृशस्त्र धारण किए गए हैं। यह मूर्ति मुंबई के सिद्धि विनायक मंदिर की प्रतिमा की प्रतिकृति है। गणेश चतुर्थी के अवसर पर यहां भक्तों की भारी भीड़ लगी रहती है।

श्वेत सिद्धी गणेश मंदिर:-

 

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सूरजपोल से कुछ ही दूरी पर प्राचीन श्वेत सिद्धि गणेश मंदिर स्थित है। मान्यता के अनुसार इस मंदिर में गणेश जी की प्रतिमा की स्थापना तांत्रिक विधि-विधान से की गई थी। इसी कारण से यहां विराजमान गणेश प्रतिमा पर सिंदूर नहीं चढ़ाया जाता है। यहां केवल दूध एवं जल से मूर्ति का अभिषेक किया जाता है, इस मंदिर के प्रति आसपास के लोगों में गहरी आस्था है। ये मंदिर जयपुर के प्रसिद्ध गणेश मंदिरों में से एक है आप गणेश चतुर्थी के अवसर पर यहां अवश्य जाएं।

ध्वजाधीश गणेश मंदिर:-

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बड़ी चौपड़ पर प्रसिद्ध हवामहल के पास स्थित ध्वाजाधीश गणेश मंदिर की खासियत यहां लगा झंडा है। यह झंडा कई फुट ऊंचाई पर स्थित है। इसलिए इस मंदिर को ध्वजाधीश गणेश मंदिर के नाम से जाना जाता है। बुधवार तथा गणेश चतुर्थी को यहां भक्तों की भीड़ रहती है। आप भी इस मंदिर में जाकर भगवान गणेश के दर्शन कर सकते हैं।