जीवन मंत्र डेस्क, ओम केवल एक पवित्र ध्वनि ही नहीं, अपितु अनंत शक्ति का प्रतीक है। ॐ अर्थात् ओउम् तीन अक्षरों से बना है, जो सर्व विदित है। अ उ म् । 'अ' का अर्थ है आर्विभाव या उत्पन्न होना, 'उ' का तात्पर्य है उठना, उड़ना अर्थात् विकास, 'म' का मतलब है मौन हो जाना अर्थात् 'ब्रह्मलीन' हो जाना। ओम सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति और पूरी सृष्टि का द्योतक है। ॐ धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष इन चारों पुरुषार्थों का प्रदायक है। मात्र ॐ का जप कर कई साधकों ने अपने उद्देश्य की प्राप्ति कर ली। कोशीतकी ऋषि निस्संतान थे, संतान प्राप्तिके लिए उन्होंने सूर्यका ध्यान कर ॐ का जाप किया तो उन्हे पुत्र प्राप्ति हो गई। गोपथ ब्राह्मण ग्रन्थ में उल्लेख है कि जो "कुश" के आसन पर पूर्व की ओर मुख कर एक हज़ार बार ॐ रूपी मंत्र का जाप करता है, उसके सब कार्य सिद्ध हो जाते हैं। आइए जानते हैं ओम् का जप करने से किन 10 चीजों से फायदे मिलते हैं।

दूर होंगी शरीर की ये 10 समस्याएं

1. थायरॉयड- ओम का उच्चारण करने से गले में कपंन पैदा होती है, जो थायरॉयड ग्रंथि पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।
2. घबराहट- अगर आपको घबराहट या अधीरता होती है, तो ओम के उच्चारण से उत्तम कुछ भी नहीं है।
3. तनाव- यह शरीर के विषैले तत्वों को दूर करता है, यानि तनाव के कारण पैदा होने वाले द्रव्यों पर नियंत्रण करता है।
4. खून का प्रवाह- यह ह्दय और खून के प्रवाह को संतुलित करता है। 
5. पाचन- ओम के उच्चारण से पाचन शक्ति तेज होती है।
6. स्फूर्ति- इससे शरीर में फिर से युवावस्था वाली स्फूर्ति का संचार होता है।
7. थकान- थकान से बचाने के लिए इससे उत्तम उपाय और कुछ भी नहीं है। ओम का उच्चारण करने से पूरा शरीर तनाव रहित हो जाता है।
8. नींद- नींद न आने की समस्या इससे कुछ ही समय में दूर हो जाती है। रात को सोते समय नींद आने तक मन में इसका जाप करने से निश्चित नींद आ जाती है।
9. फेफड़े- कुछ विशेष प्राणायाम के साथ इसे करने से फेफडों में मजबूती आती है।
10. रीढ़ की हड्डी- ओम के पहले शब्द का उच्चारण करने से कंपन पैदा होता है। इस कंपन से रीढ की हड्डी प्रभावित होती है और इसकी क्षमता बढ जाती है।