इंटरनेट डेस्क, उत्तराखंड, कुमाऊं मंडल के गंगोलीहाट कस्बे में स्थित पाताल भुवनेश्वर गुफा को भगवान शिव का निवास स्थल माना जाता है। मान्यता के अनुसार कभी भगवान शिव इसी गुफा में आकर तपस्या करते थे। वहीं लोगों का मानना है कि इस गुफा में दुनिया के खत्म होने का राज छुपा है।

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इस गुफा में आने वालों को एक ही जगह पर केदारनाथ, बद्रीनाथ, अमरनाथ के दर्शन हो जाते हैं, इस गुफा में अंदर 33 करोड देवी देवताओं की आकृति के अलावा शेषनाग का फन भी बना हुआ है। गुफा के अंदर जाने का रास्ता बहुत ही संकरा है, अंदर जाते समय इसकी दीवारों पर एक हंस की आकृति दिखाई देती है।

लोगों का मानना है की यह ब्रह्मा जी का हंस है। इस गुफा में बने खंभ चार युगों सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग तथा कलियुग को दर्शाते है। कलयुग खंभ की लंबाई बाकी तीन से लंबी है और इसके ऊपर छत से एक पिंड नीचे लटक रहा है, जिसमें एक गहरा रहस्य छुपा है।

अपनी अनोखी बनावट के कारण ये गुफा पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई है और यहां पर्यटकों का तांता लगा रहता है।