चित्तौड़गढ़:ऐतिहासिक चित्तौड़गढ़ से जुड़ा इसे मिथक माना जाए या आंकड़ों का अनूठा संसार, लेकिन यह शत फ़ीसदी सच है । चित्तौड़गढ़ सीट को फतह करने वाली पार्टी ही राजस्थान में अपनी सरकार बनाती चली आ रही है । पिछले 4 दशक से यह सिलसिला बदस्तूर जारी है। एक बड़ा सच यह भी है इस सीट से कोई भी विधायक लगातार दूसरी बार चुनाव नहीं जीतता । ऐसे में मौजूदा विधायक चंद्रभान सिंह आक्या की मुसीबतें इस मिथक ने जाने अनजाने में ही सही बढ़ा जरूर दी है । यही मिथक कई बार विधायक को टिकट देने अथवा टिकट काटने में अहम रोल निभा जाता है । 

इतिहास के पन्नों पर दर्ज चित्तौड़गढ़ से पिछले 14 चुनाव में अब तक किसी भी पार्टी का प्रत्याशी लगातार दो बार चुनाव नहीं जीत पाया । तीन नेता ऐसे हैं, जो दो बार विधायक निर्वाचित हो चुके हैं, लेकिन लगातार कोई भी जीत पाने में सफल नहीं हो पाया । फिलहाल यहां से भाजपा के चंद्रभान सिंह आक्या विधायक हैं और वे फिर से टिकट की दावेदारी जता रहे । कांग्रेस के लिए पिछली बार आक्या से हारे विधानसभा के पूर्व सभापति सुरेंद्र सिंह जाडावत एक बार फिर बड़े विकल्प है । जाड़ावत ने दावा किया है कि ट्रेंड फिर से रिपीट होगा और इस बार जीत कांग्रेस की ही होगी । 

जयपुर के विद्याधर नगर से विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री भैरों सिंह शेखावत के दामाद नरपत सिंह राजवी चित्तौड़गढ़ से दो चुनाव जीत चुके हैं । क्षेत्र से सर्वप्रथम 1952 के चुनाव में भारतीय जनसंघ के प्रतापसिंह विधायक का चुनाव जीते थे । 1977 के चुनाव में डूंगरपुर राजपरिवार के लक्ष्मणसिंह यहां विधायक निर्वाचित हुए, जो बाद में 1985 में फिर विधायक चुने गए । इसके बाद भाजपा के नरपतसिंह राजवी 1993 में विधायक चुनाव जीतने के बाद 1998 में हार गए । लेकिन 2003 के चुनाव में फिर यहां से विधायक चुन लिए गए । कांग्रेस के सुरेन्द सिंह जाड़ावत भी यहां से 4 बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं । इनमें 1998 एवं 2008 में जीत हासिल हुई तो 2003 व 2013 में हार का सामना करना पड़ा । 

-2013 में भाजपा के चंद्रभान सिंह आक्या चित्तौड़गढ़ से विधायक बने तो राज्य में बनी भाजपा की वसुंधरा राजे सरकार
-कांग्रेस के सुरेंद्र सिंह जाडावत 2008 में यहां से चुनाव जीते तो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की कांग्रेस सरकार बनी
2003 में नरपत सिंह राजवी ने सीट निकाली तो बनी भाजपा सरकार
1998 में सुरेंद्र सिंह जाडावत जब चुनाव जीते तो बनी कांग्रेस सरकार
1993 मैं नरपत सिंह राजवी ने चुनाव जीता, बनी भाजपा सरकार
1990 में भाजपा के विजय सिंह जाला जब विधायक बने तो बनी भाजपा सरकार
1985 में कांग्रेस के लक्ष्मण सिंह ने चुनाव जीता तो बनी कांग्रेस सरकार
1980 में यहां से कांग्रेस विधायक शोभराज ने सीट निकाली तो राजस्थान की सरकार बनी कांग्रेस की सरकार