औरंगाबाद: देश भर में आज वट पूर्णिमा  का पर्व मनाया जा रहा है. इस दिन शादीशुदा महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सात जन्मों तक यही पति मिले इसके लिए व्रत रखती हैं और बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं. लेकिन महाराष्ट्र के ओरंगाबाद जिले में नजारा कुछ और ही देखने को मिला. यहां वट पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर यानी कि मंगलवार को अपनी पत्नियों से परेशान पतियों ने पीपल के पेड़ की पूजा की और पत्नियों से छुटकारे का वरदान मांगा.

इन पतियों ने पीपल के पेड़ पर पोस्टर चिपका कर उसकी परिक्रमा की. पोस्टर में किसी ने लिखा, 'यमराज, मुझे सात जन्म तो क्या सात सेकेंड के लिए भी पत्नी नहीं चाहिए', तो किसी ने लिखा, 'मुझे मेरी बिवी से बचाओ'. आपको बता दें कि, औरंगाबाद में कुछ वर्षों पहले इस संगठन का निर्माण किया गया था. पत्नियों से परेशान पतियों ने मिलकर एक ग्रुप बनाया जिसका नाम 'पत्नी पीड़ित संगठन' रखा गया.

क्या है संगठन का दावा
इस ग्रुप से ऐसे लोग जुड़े हैं जो किसी न किसी तरह से अपनी पत्नियों से परेशान हैं. कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनपर उनकी पत्नियों ने शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाकर मुकदमा किया है. संगठन का दावा है कि वह पतियों पर पत्नियों द्वारा किए जा रहे अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाता है.

मांगी पत्नियों से छुटकारे की मन्नत
पत्नी पीड़ित संगठन के अध्यक्ष भारत फुलारे ने कहा कि हम अपनी पत्नियों की प्रताड़ना से इतने परेशान हैं कि सात जन्म तो क्या सात सेकेंड के लिए भी हमें पत्नी नहीं चाहिए. उन्होंने कहा कि पत्नियों के आगे न तो पुलिस हमारी बात सुनती है और न ही कोर्ट. इसलिए हम पीपल के पेड़ की पूजा कर पत्नियों से छुटकारे की मन्नत मांग रहे हैं.

कानूनी मदद भी देता है संगठन
संगठन के एक सदस्य राहूल वाडे ने कहा कि हमने सुना है कि पीपल के पेड़ पर भूत होता है. हमारी पत्नियां कल बरगद की पूजा करें इससे पहले हमने पीपल की पूजा कर पत्नियों से छुटकारे की मन्नत मांगी. इस संगठन का दावा है कि वह महाराष्ट्र के सभी जिलों से पत्नी पीड़ित पतीयों को एकसाथ लाने के लिए काम कर रही है. ऐसे लोगों को कानूनी मदद के साथ-साथ मानसिक इलाज भी करवाया जाएगा.