खानपुर (झालावाड़).श्रीनगर के कुपवाड़ा के जंगलों में छिपे आतंकियों की तलाश में सुरक्षाबलों की ओर से शुरू किए सर्च अभियान के दौरान मुठभेड़ में झालावाड़ की खानपुर तहसील के लड़ानिया गांव निवासी आर्मी कमांडो मुकुटबिहारी मीना पुत्र जगन्नाथ मीणा बुधवार को शहीद हो गए। उनकी पार्थिव देह शुक्रवार को उनके पैतृक गांव लड़ानिया पहुंचेगी। यहां राजकीय सम्मान के साथ उनकी अंत्योष्टि की जाएगी।

घटना के बारे में अभी पत्नी को नहीं बताया:बुधवार रात को जैसे ही गांव के सपूत के शहीद होने की जानकारी मिली तो पूरे गांव में सन्नाटा छा गया। अभी शहीद की पत्नी को इस बारे में नहीं बताया गया है। उन्हें यही कहा गया है कि वह घायल हो गया है, अस्पताल में भर्ती है। गांव में ग्रामीणों की भीड़ शहीद के घर पर एकत्रित रही। शहीद मुकुटबिहारी का जन्म 25 अक्टूबर 1993 को ग्राम पंचायत खेड़ा के गांव लड़ानिया में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव में ही हुई। बाद में बाघेर के निजी स्कूल में पढ़ाई की। 2011 में वह सेना में भर्ती हुए थे। उनकी पहली पोस्टिंग आगरा में हुई थी।

3 माह की बेटी है, 2 वर्ष पहले हुआ था विवाह:दो वर्ष पहले ही उनका विवाह रटलाई क्षेत्र के गांव बोरखेड़ी की अंजना मीणा से हुआ था। उनके 3 माह की बेटी आरू है। सूबेदार रमेशसिंह ने बताया कि सर्च ऑपरेशन के दौरान मुकुटबिहारी मीणा शहीद हो गए और एक अन्य कमांडो घायल हो गया। जिसका इलाज जारी है। मुकुट मीणा की पार्थिक देह श्रीनगर के बेस हॉस्पिटल में रखा गई है। लड़ानिया गांव में बुधवार रात को सेना के जवान पहुंच गए। सेना के सूबेदार रमेशसिंह सहित अन्य आए हैं। गांव में अभी हैलीपेड बनाया जा रहा है। शहीद के गांव में मंदिर के पास ही शहीद स्मारक बनाया जाएगा। इसकी प्रशासन ने तैयारी की।

शहीद का पार्थिव शरीर सुबह यदि मौसम सही रहा तो हैलीकॉप्टर से गांव में लाया जाएगा। मौसम खराब रहने पर कार से पार्थिव देह को लाया जाएगा। गांव में हेलीपेड बनवाया गया है। साथ ही सभी तैयारी कर ली गई हैं।