जयपुर । राजस्थान में यह वर्ष चुनावी साल है, लेकिन प्रदेश की भाजपा सरकार ने प्रदेश के 1 लाख 80 हजार से ज्यादा संविदा कर्मचारियों को स्थायी करने से मना कर दिया है। ग्रामीण विकास पंचायती राज मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि राज्य सरकार की संविदा कर्मचारी या अस्थाई कर्मचारियों को स्थायी करने की कोई योजना नहीं है। राठौड़ ने कहा कि सिर्फ राज्य सरकार संविदा कर्मचारियों की स्थायी करने की मांग के अलावा अन्य मांगों पर विचार कर रही है। शासन सचिवालय में कर्मचारियों की विभिन्न मांगों के निराकरण के लिए बनी कैबिनेट सब कमेटी की बैठक के दौरान राठौड़ ने कहा कि यह सब कमेटी विभिन्न कर्मचारी संगठनों की मांगों पर सुनवाई कर रही है। साथ ही इनकी मांगों के निराकरण को लेकर कैबिनेट सब कमेटी अपनी सिफारिश करेगी, जो आगे कैबिनेट की बैठक में जाएगी। वहीं वेतन कटौती और पुरानी पेंशन के मुद्दे को लेकर ग्रामीण विकास पंचायती राज मंत्री ने कहा कि इस पर भी अभी फिलहाल विचार चल रहा है।