जयपुर:केंद्र की आयुष्मान भारत योजना व राजस्थान सरकार की भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना को लेकर जारी विवाद अब खत्म होता नजर आ रहा है। राज्य सरकार की मंशा है कि दोनों योजनाओं को कनेक्ट करके अधिक से अधिक लोगों को स्वास्थ्य बीमा योजना के दायरे में लाया जाए। इसके लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत टोंक जिले में स्टडी कराई जा रही है। 

एसएमएस मेडिकल कॉलेज में एक कार्यक्रम में शिरकत करने आए मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों आयुष्मान भारत योजना के सीईओ राजस्थान दौरे पर आए थे। इस दौरान उनके साथ तमाम बिंदुओं पर चर्चा की गई। साथ ही यह तय किया गया कि दोनों योजनाओं को इंटर कनेक्ट करने से लाभार्थियों की संख्या कितनी बढ़ेगी इसके बारे में अध्ययन कराया जाएगा। इसके लिए टोंक जिले का चयन किया गया है। गुप्ता ने बताया कि दोनों योजनाओं को कनेक्ट करने से राजस्थान में लाभार्थी परिवारों की संख्या सवा करोड़ के आसपास हो जाएगी। यानी कि राजस्थान के अधिकांश परिवार स्वास्थ्य बीमा योजना के दायरे में आ जाएंगे। 

इस दौरान मुख्य सचिव गुप्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि भामाशाह कार्ड के नवीनीकरण में आचार संहिता कहीं पर भी आड़े नहीं आती, क्योंकि इंश्योरेंस कंपनी से एक साथ 2 साल के लिए एमओयू किया गया है। अगर इस तरह की कोई दिक्कत फील्ड मेंं आ रही है तो उसे दिखवाया जाएगा।