साउथ अफ्रीकी देश स्वाजीलैंड के राजा मस्वाती तृतीय ने अपने देश का नाम बदलकर 'द किंगडम ऑफ इस्वातिनी' रखने की घोषणा की है। देश की आजादी के 50 साल पूरे होने पर आयोजित एक प्रोग्राम में ये घोषणा की गई। इस्वातिनी का मतलब होता है स्वाजियों की भूमि। मस्वाती तृतीय के पिता सोभुजा द्वितीय ने साल 1968 में देश को अंग्रेजों से आजाद कराया था।
स्वाती तृतीय को रंगीन मिजाज राजा के रूप में जाना जाता है। उनकी 15 रानियां थी लेकिन इसी महीने एक रानी ने सुसाइड कर लिया। बता दें कि केवल 2 रानियों को ही रॉयल का दर्जा प्राप्त है। मस्वाती के 30 बच्चे हैं। मस्वाती के पिता सोभुजा की 125 रानियां थीं।
मस्वाती तृतीय दुनिया के धनी राजाओं में शुमार हैं। वर्ष 2009 में फोर्ब्स द्वारा प्रकाशित सूची में 200 मिलियन डॉलर की संपत्ति के साथ उनका 15वां स्थान था। उनके पास पांच लाख डॉलर की मैबेच कार(Maybach car) सहित 62 लग्जरी गाडियां हैं, जिनका फोटो लेने पर प्रतिबंध है। मस्वाती ने अपनी रानियों के लिए 13 आलीशान महल बनवा रखे हैं। उन्होंने 2013 में 18 साल की लड़की के साथ 15वीं शादी रचाई थी।

स्वाजीलैंड एक गरीब देश है, जिसकी आबादी 1 करोड़ 20 लाख है। 69 फीसदी लोग बीपीएल के अंतर्गत आते हैं। करीब 63 फीसदी से अधिक आबादी हर रोज 80 रुपए में अपना गुजर-बसर करती है। बेरोजगारी दर 40 फीसदी। एचआईवी पॉजिटिव भी करीब 40 फीसदी हैं।

एड्स से निजात दिलाने के लिए राजा ने वर्ष 2000 में संसद में प्रस्ताव रखा था। इसमें एड्स पीड़त लोगों को नपुंसक बनाने का प्रस्ताव था। प्रस्ताव का जमकर विरोध होने पर इसे वापस ले लिया था। इसके बाद उन्होंने 19 साल से कम उम्र की युवतियों से यौन संबंध बनाने के खिलाफ फरमान जारी किया था। इसके तहत उन्हें गले में उनका मफलर लगाकर बाहर निकलना होता था। इसके लिए प्रोत्साहन राशि 1800 रुपए निर्धारित किया था।