नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने 18 जून को होने वाली उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की मुख्य परीक्षा पर रोक लगाने से गुरुवार (14 जून) को इनकार कर दिया. इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने प्रारंभिक परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं (आंसर शीट) के पुनर्मूल्यांकन के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश को भी रद्द कर दिया. न्यायमूर्ति यू यू ललित और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की अवकाशकालीन पीठ ने उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ यूपीपीएससी की अपील को स्वीकार कर लिया.

पीठ ने कुछ छात्रों द्वारा दायर अर्जियों को खारिज कर दिया जिनमें मुख्य परीक्षा पर रोक लगाने की मांग की गई थी और कहा गया था कि यूपीपीएससी ने उच्च न्यायालय के आदेश का पालन नहीं किया. पीठ ने कहा, ‘‘हम यूपीपीएससी की अपील को मंजूर करते हैं और उच्च न्यायालय के आदेश को रद्द करते हैं. मुख्य परीक्षा पर रोक लगाने की मांग करने वाली याचिकाएं खारिज की जाती हैं.’’

यूपीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा 2017 में आयोजित की गई थी और मुख्य परीक्षा की तारीख 18 जून है. पहले यह परीक्षा 18 मई को होनी थी, लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा प्रारंभिक परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन का आदेश देने की वजह से इसे 18 जून को करना पड़ा.