चूरू:जिले की राजगढ़ तहसील के छोटे से गांव नेशल बड़ी के 19 साल के एक एथलेटिक्स खिलाड़ी की सफलता की कहानी बड़ी दिलचस्प और रोचक है। आज से नौ-10 साल पहले खिलाड़ी सोनू कुमार शरारती प्रवृत्ति का था। छोटी उम्र में गांव में बीड़ी-सिगरेट पीना और आवारागर्दी करता था। आज सोनू इंटरनेशनल लेवल का एथलेटिक्स खिलाड़ी है। साेनू खुद भी स्वीकार करता है कि वह छोटी उम्र में बहुत ज्यादा शरारती था। घर वाले तक उसकी हरकतों से तंग आ चुके थे।

वियतनाम और दोहा कतर में इंटरनेशनल में मारी बाजी

वर्ष 2015 में दोहा में हुई एशियन यूथ एथलेटिक्स चैंपियनशिप व 2016 में वियतनाम में 17वीं एशियन जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सोनू ने तीसरा स्थान हासिल कर कांस्य मैडल पर कब्जा किया। स्टेट की दर्जनों सहित मई 2016 में बैंगलोर में फैडरेशन कप नेशनल जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल, झारखंड में 2015 में नेशनल जूनियर एथलेटिक्स में गोल्ड मेडल हासिल किया। 

अब ओलंपिक व वर्ल्ड यूनिवर्सिटी के मैडल पर नजर

खिलाड़ी सोनू फिलहाल रांची में नवंबर 2018 में जूनियर नेशनल एथलेटिक्स चैँपियनशिप में रिकॉर्ड के लिए गोल्ड मैडल हासिल करने के साथ-साथ बैंगलोर में नवंबर 2018 में होने वाली ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी एथलेटिक्स टूर्नामेंट की तैयारी में जुटा हुआ है