जयपुर:राजस्थान में विधानसभा चुनाव के लिए 7 दिसंबर को होने वाले मतदान से पूर्व आज शाम 5 बजने के साथ ही चुनाव प्रचार का शोर अब पूरी तरह से थम गया है। वहीं चुनाव प्रचार के आखिरी दिन सभी दलों के दिग्गज नेताओं ने पूरी ताकत झौंक दी और सभी ने एक-दूसरे पर आरोप—प्रत्यारोप के साथ ही जुबानी हमलों समेत अपने तरकश से कई चुनावी बाण भी छोड़ें हैं। इसके अतिरिक्त शाम 5 बजने के साथ ही पूरे प्रदेश में शराब की बिक्री पर भी रोक लग गई है, जिसके चलते अब अगले 2 दिनों तक शराब की बिक्री पर पूर्णत: रोक लग गई है।

चुनाव प्रचार बंद होने के बाद अब प्रत्याशी घर-घर जाकर ही वोटिंग की अपील कर सकेंगे। अब किसी भी तरह से किसी भी पार्टी का प्रचार नहीं किया जा स​केगा। इनमें संगीत-समारोह, नाट्य-अभिनय, मनोरंजन से भी प्रचार किया जाना शामिल है, वहीं बल्क एसएमएस से भी प्रचार पर रोक रहेगी। सार्वजनिक सभा आयोजित करने, जुलूस निकालने, सिनेमा, दूरदर्शन या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से प्रचार पर पूर्ण रोक रहेगी। इसके साथ ही बाहरी राजनीतिक व्यक्ति भी नहीं ठहर सकेंगे राजस्थान में।

राजस्थान में आज चुनाव प्रचार के अंतिम दिन सभी दलों के नेताओं ने प्रचार में पूरी ताकत झौंक दी और एक के बाद एक लगातार कई दौरे कर अपनी पार्टी के प्रत्याशियों को समर्थन देने के लिए प्रचार किया। भाजपा की ओर से जहां नरेन्द्र मोदी, अमित शा​ह, राजनाथ सिंह, स्मृति ईरानी, राज्यवर्धन सिंह राठौड़, वसुंधरा राजे, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह, प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी समेत कई नेताओं ने जनसभाएं की। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस की ओर से अशोक गहलोत, सचिन पायलट, राजबब्बर, कुमारी शैलजा और भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने जनसभाएं की।

गौरतलब है कि राजस्थान में सत्ता हासिल करने के लिए बीजेपी और कांग्रेस के बीच मुकाबला काफी दिलचस्प बना हुआ है। राज्य की कुल 200 सीटों में से केवल एक सीट छोड़कर 199 सीटों 7 दिसम्बर को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होना है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने ही दो दर्जन से ज्यादा सीटों पर समान जाति के उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। राजस्थान चुनाव में जिन सीटों पर सभी की नजरें टिकीं हैं, उनमें से एक झालरापाटन सीट भी है, जहां मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह के बीच मुकाबला होगा।