जयपुर, मुख्य न्यायाधीश राजस्थान उच्च न्यायालय एवं मुख्य संरक्षक राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण प्रदीप नंद्राजोग ने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण आमजन में विधिक जागरूकता बढ़ाने और कानूनी मदद दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। जब तक युवाओं को इस मिशन से नहीं जोड़ा जाएगा, तब तक हम अंतिम कतार में बैठे व्यक्ति तक विधिक सेवाओं का लाभ नहीं पहुंचा सकते।

नंद्राजोग शनिवार को महावीर दिगंबर जैन सीनियर सैकण्डरी स्कूल, सी-स्कीम में राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित राज्यस्तरीय सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर गत वर्ष प्राधिकरण द्वारा विधिक सेवा दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित खेल प्रतियोगिताओं में राज्य स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार वितरित किए गए।

इसके अतिरिक्त राज्य में उत्कृष्ट विधिक सेवा कार्य करने वाले जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं पैरा लीगल वॉलेन्टियर्स को भी पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर प्राधिकरण की वर्ष 2017 की वार्षिक रिपोर्ट का विमोचन भी किया गया। इसके अतिरिक्त एसिड अटैक से संबंधित एक लघु नाटिका के माध्यम से बताया गया कि रालसा द्वारा एसिड अटैक पीड़िता को तीन लाख तक की मदद का प्रावधान है। समारोह में उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं कार्यकारी अध्यक्ष, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जस्टिस केएस झवेरी ने कहा कि खेलों के माध्यम से हमने विद्यार्थियों को भी अपने साथ जोड़ने की कोशिश की है।