नई दिल्ली:इस बार स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रेलवे मिनिस्ट्री की तरफ से चुनिंदा स्टेशनों पर यात्रियों के लिए खास सुविधा शुरू की जाएगी। इस विशेष सुविधा के तहत रेलवे की तरफ से देश के 22 स्टेशनों पर 'डिजीटल म्यूजियम' शुरू किए जाने की योजना है। डिजीटल म्यूजियम की शुरुआत 15 अगस्त से होगी। रेलवे मिनिस्ट्री की तरफ से यह फैसला पीएमओ द्वारा अलग रेल म्यूजियम के विकास में रेलवे के धन खर्च पर आपत्ति जताये जाने के बाद किया गया है। ऐसा रेलवे की तरफ से अपने इतिहास के प्रदर्शन के लिए किया जा रहा है।

दीवारों पर बनाए जाएंगे डिजिटल संग्रहालय
रेलवे बोर्ड निदेशक (धरोहर) की तरफ से 8 अगस्त को संभागीय रेलवे प्रबंधकों को जारी सूचना पत्र में 26 मार्च को पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में चर्चा का हवाला दिया गया। रेलवे के पत्र में कहा गया कि और अधिक रेलवे संग्रहालय के विकास में धन निवेश करने की कोई जरूरत नहीं है। स्टेशन की दीवारों पर डिजिटल संग्रहालय बनाये जा सकते हैं। इसमें उचित तकनीक की मदद से रेलवे के इतिहास एवं मौजूदा विकास कार्यों की जानकारी दी जा सकेगी।

ये हैं डिजीटल म्यूजियम वाले स्टेशन
पत्र में कहा गया कि मंत्रालय ने ‘ऐसे 22 रेलवे स्टेशनों पर प्रायोगिक योजना शुरू करने का फैसला किया है, जहां ट्रू कलर डिजिटल मल्टीमीडिया स्क्रीन पहले से ही उपलब्ध हैं।’ इस योजना के लिए हावड़ा, सियालदह, लखनऊ, वाराणसी, रायबरेली, सुल्तानपुर, प्रयाग, अंबाला, नई दिल्ली, दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन, आगरा कैंटोनमेंट, गोरखपुर, गुवाहाटी, कटिहार, न्यू जलपाईगुड़ी, जयपुर, इरोड, कोयंबटूर, सिकंदराबाद, विजयवाड़ा एवं बेंगलुरू को शामिल किया गया है।

इस पत्र में मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस भवन (सीएसएमटी) को संग्रहालय में तब्दील करने के फैसले के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। सेंट्रल रेलवे के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि सीएसएमटी पहले से ही एक म्यूजियम है। अनुमति मिलते ही बिना किसी खर्च के इसे बड़े म्यूजियम में बदल दिया जाएगा। डिजीटल म्यूजियम के लिए इस्तेमाल होने वाली डिजीटल स्क्रीन 5।1 मीटर लंबी और इसकी चौड़ाई 2।1 मीटर से 3।2 मीटर तक होगी। इन स्क्रीन का परीक्षण 12 अगस्त को किया जाएगा।