पटना, राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी के खिलाफ जब तक सृजन घोटाला मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हो जाती वह चैन से नहीं बैठेंगे। बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता और अपने छोटे पुत्र तेजस्वी प्रसाद यादव, राजद के वरिष्ठ नेता जगदानंद सिंह और शिवानंद तिवारी के साथ पत्रकारों को संबोधित करते हुए लालू ने आरोप लगाया कि नीतीश और सुशील को इस घोटाले की पहले से जानकारी थी।

उन्होंने कहा कि नीतीश और सुशील के खिलाफ जबतक इस मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं हो जाती हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे। सृजन घोटाले को लेकर भागलपुर जिले में गत रविवार को आयोजित राजद की रैली को नीतीश के आत्मघाती नुक्कड नाटक की संज्ञा दिए जाने पर लालू ने कहा, उनके आत्मघाती कहने का हमने यही मतलब निकाला है कि वह चेतावनी दे रहे हैं। हम जनता के प्रतिनिधि हैं और हमारी पार्टी विपक्ष में है। जनता जानना चाहती है। पब्लिक डोमेन में आपको घोटाले का जवाब देना होगा, नीतीश कुमार जी पल्टू बाबू।

उन्होंने नीतीश पर इस घोटाले की पहले से जानकारी होने और उसे 27 दिनों तक जनता से छुपाने का आरोप लगाते हुए कहा कि गत 10 जुलाई को भागलपुर प्रशासन का चेक बैंक से लौटने लगा था और यह सिलसिला 29 जुलाई तक चला। लालू ने कहा कि इस मामले को पब्लिक डोमेन में सबसे पहले स्वयं लाने का दावा करने वाले नीतीश को जनता को यह बताना चाहिए कि उन्होंने 27 दिनों तक इस मामले को छुपाया क्यों। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी राशि की यह लूट नीतीश और सुशील की जानकारी में थी।