जयपुर: इस बार के विधानसभा चुनाव में 4038 संवेदनशील क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं, जिनमें 3 लाख 74 हजार मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इसमें कानून व्यवस्था बनाने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए निर्वाचन विभाग ने विशेष सुरक्षा तंत्र और निगरानी व्यवस्था की है। इसके तहत कुल 1 लाख 43 हजार सुरक्षा बल में से करीब 16 फीसदी सुरक्षा बल इन क्षेत्रों के 8000 मतदान केन्द्रों में रहेगा। राज्य में विधानसभा चुनाव की तैयारियां चरम पर हैं और इसमें सबसे अहम कड़ी है संवेदनशील विधानसभा क्षेत्र और उनमें सुरक्षा इंतजाम। इसके तहत संवेदनशील क्षेत्र 4038 चिन्हित किए हैं। हालांकि पहले से इनकी संख्या में कमी आई है।

इन चुनावों में इतनी थी संख्या :
— 2013 विधानसभा चुनाव में संवेदनशील क्षेत्र थे : 6092
— 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में संवेदनशील क्षेत्र : 5367
— 2018 में अभी तक चिन्हित संवेदनशील क्षेत्र : 4038
— 2013 विधानसभा चुनाव से संवेदनशील क्षेत्र हुए कम : 2054
— 2014 के लोकसभा चुनाव से कितने संवेदनशील क्षेत्र कम-1329

निर्वाचन विभाग की मौजूदा प्लानिंग के मुताबिक, 2018 के कुल संवेदनशील 4038 क्षेत्र में करीब 8000 मतदान केन्द्र संवेदनशील हैं, जिसमें 1 प्लस 4 के हिसाब से केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल तैनात किया जाएगा। इस तरह उनकी संख्या 40 हजार होगी जो कि कुल सुरक्षा बल 94906 का करीब 42 प्रतिशत है। प्लानिंग के मुताबिक अन्य सभी मतदान केन्द्रों में 51796 हेड कांस्टेबल होंगे। वहीं होमगार्ड्स 1510 और फोरेस्ट गार्ड्स 1600 हैं।

इसी तरह सेक्टर मजिस्ट्रेट के रूप में 5180 होमगार्ड्स, पुलिस मोबाइल अधिकारी के रूप में कुल 15540 अधिकारी होंगे। पुलिस सुपरवाइजर ऑफिसर्स के रूप में 1800, एरिया मजिस्ट्रेट के तौर पर 400 और विधानसभा सुपरवाइजरी अधिकारी के रूप में कुल 800 अधिकारी होंगे। इस तरह से कुल 23720 अधिकारियों की तैनाती होगी जो सुरक्षा व्यवस्था, कानून व्यवस्था पर निगाह रखेंगे और किसी भी अप्रिय वारदात को होने से रोकेंगे।

कुल मिलाकर पुलिस, आरएसी, सीपीएमएफ, आरएचजी, बीएचजी, फोरेस्ट गार्ड की तैनाती रहेगी। इसके तहत 3000 ओआरटी, 1 हजार पुलिस, 3000 सीपीएमएफ, 2000 बीएचजी, नाका पार्टियों के रूप में 2200 पुलिस और 1100 फोरेस्ट गार्ड् रहेंगे। वायरलैस ऑपरेटर के रूप में 600 पुलिस, पीएसओ के रूप में 1000 पुलिस, ऑब्जर्वर के रूप में 300 पुलिस बल, असेम्बली सेगमेंट रिजर्व के रूप में 2000 आरएसी जवान सहित कुल 3000 की फोर्स रहेगी। वहीं 2000 आरएसी के जवान सहित कुल 3000 सुरक्षा बल डिस्ट्रिक्ट पुलिस रिजर्व के रूप में रहेंगे।

रेंजे रिजर्व के रूप में 675 की नफरी रहेगी, तो वहीं ईवीएम गार्ड के रूप में सीपीएमएफ यानि केन्द्रीय अर्द्धसैन्य बल 1080 होंगे। डिस्टलरीज के गार्ड के रूप में 3000 प्रत्याशी होंगे, तो कानून व्यवस्था के लिए केन्द्रीय अर्द्ध सैन्य बल 3000 होंगे। इस तरह 24995 का सुरक्षा बल लगाया जाएगा। वहीं अलग-अलग क्षेत्र के हिसाब से सुरक्षा बल तैनाती पर गौर करें तो निर्वाचन केन्द्रों में केन्द्रीय अर्द्धसैन्य बल के 40 हजार, रिजर्व होमगार्ड 1510, 1600 फोरेस्ट गार्ड यानि कुल 94906 का बल रहेगा।

सुपरवाइजरी ऑफिसर्स के रूप में 11960 पुलिस रिजर्व होमगार्ड के रूप में 11760 मिलाकर 23720 कुल सुरक्षा बल रहेगा। अन्य के रूप में 5140 पुलिस 4675 आरएसी, 10 हजार 80 केन्द्रीय अर्द्धसैन्य बल, 2000 आरएचजी और बीएचजी यानि होमगार्ड्स, फोरेस्ट गार्ड 1100 यानि कुल 24995 की सेवाएं ली जाएंगी। इस तरह कुल 1 लाख 43 हजार 621 की फोर्स तैनात रहेगी। 50 हजार से ज्यादा केन्द्रीय अर्द्धसैन्य बलों की तैनाती होगी, जिसमें से संवेदनशील केन्द्रों में 40 हजार रहेंगे।

पुलिस स्टेशन्स पर क्यूआरटी यानि क्विक रिस्पोंस टीम के रूप में 3000, उड़नदस्ते के हिसाब कुल 1000 सुरक्षा व स्टेटिक सर्विलांस टीम की तीस प्रति सेंटर तैनाती के हिसाब से 1080 की तैनाती होगी। इसी तरह 33 जिलों में रिजर्व फोर्स के रूप में 3000 कर्मियों की तैनाती होगी। इन संवेदनशील केन्द्रों में वेबकास्टिंग के जरिये लाइव देख सकने की सुविधा होगी। तो इनमें से कहीं सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। कहीं ऑब्जर्वर, कहीं माइक्रो ऑब्जर्वर और कहीं अतिरिक्त पुलिस फोर्स की व्यवस्था करके सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे।