दक्षिण कोरिया की पूर्व राष्ट्रपति पार्क ग्युन-हे को भ्रष्टाचार के मामले में 24 साल जेल की सजा हुई है। इस मामले में उनके खिलाफ 10 महीने से भी अधिक समय तक सुनवाई चली। उन्हें रिश्वत लेने और सत्ता के दुरुपयोग संबंधी कई आपराधिक मामलों में दोषी पाया गया। पार्क को यह सजा शुक्रवार को सुनाई गई। सुनवाई के दौरान वह अदालत में मौजूद नहीं थीं। पूर्व राष्ट्रपति पार्क ग्युन-हे के खिलाफ दक्षिण कोरिया की अदालत ने टेलीविजन पर सीधे प्रसारण में यह फैसला सुनाया। 66 साल की पार्क अपनी करीबी और लंबे समय से मित्र रहीं चोई सून-सिल के साथ हेराफेरी के कई मामलों को अंजाम देने की दोषी पाई गईं।

जज किम सी-यून ने कहा कि रिश्वत की यह राशि 23 अरब वॉन (2.17 करोड़ डॉलर) की है, जिसे आरोपी ने चोई के साथ मिलीभगत से अंजाम दिया। उन्होंने इस मामले में पार्क को 24 साल कैद और 18 अरब वॉन जुर्माने की सजा सुनाई। 

पार्क 2013 में दक्षिण कोरिया की राष्ट्रपति बनी थीं और करीब चार साल तक इस पद पर रहीं। वह दक्षिण कोरिया की पहली महिला और निर्वाचित राष्ट्रपति रहीं, लेकिन उनका कार्यकाल भ्रष्टाचार को लेकर विवादों में रहा। भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के चलते पार्क के खिलाफ देश में महाभियोग भी चला।

इस दौरान देश में कई प्रदर्शन हुए और लोग सड़कों पर भी उतरे। उन पर देश में उच्च स्तरीय नियुक्तियों में दखल को लेकर ज्यादा गुस्सा था। पूरे मामले में दक्षिण कोरिया की कंपनी सैमसंग का नाम भी सामने आया, जो दुनिया की सबसे बड़ी स्मार्ट फोन निर्माता कंपनी है।