मुंबई:टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का शेयर बुधवार को 6% से भी ज्यादा तेजी के साथ अब तक के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इसने बीएसई पर 1,991 और एनएसई पर 1,992.75 का उच्च स्तर छुआ। कंपनी का मार्केट कैप एक ही दिन में करीब 34,000 करोड़ रुपए बढ़कर 7.58 लाख करोड़ रुपए हो गया। टीसीएस देश की सबसे ज्यादा मार्केट कैप वाली कंपनी है। रिलायंस इंडस्ट्रीज 6.54 लाख करोड़ के साथ दूसरे नंबर पर है।

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने मंगलवार को अप्रैल-जून तिमाही के वित्तीय नतीजे घोषित किए। कंपनी का सालाना मुनाफा 23.46% बढ़कर 7,340 करोड़ रुपए हो गया। रेवेन्यू 16% बढ़कर 34,261 करोड़ रुपए रहा। दोनों में हाल के वर्षों में ग्रोथ सबसे ज्यादा है। अप्रैल-जून 2017 में रेवेन्यू 29,584 करोड़ और मुनाफा 5,945 करोड़ रुपए था।

सेंसेक्स में अच्छा प्रदर्शन: टीसीएस का शेयर 2018 के छह महीने में निवेशकों को 48% रिटर्न दे चुका है। 29 दिसंबर 2017 को शेयर 1,350.2 रुपए पर था। अब यह 1,991 रुपए पर पहुंच गया है। टीसीएस को एक्सपोर्ट से जुड़ा कारोबार होने की वजह से रुपए में गिरावट का फायदा हुआ। सेंसेक्स में शामिल कंपनियों की तुलना में इसके शेयर का प्रदर्शन इस साल सबसे अच्छा रहा।


पिछले तिमाही नतीजों के बाद भी शेयर चढ़ा था : टीसीएस ने पिछली बार 19 अप्रैल (गुरुवार) को नतीजों का ऐलान किया था। अगले दो कारोबारी दिनों में इसके शेयर में तेजी आई। 23 अप्रैल (सोमवार) को कंपनी का मार्केट कैप 100 अरब डॉलर (6.60 लाख करोड़ रुपए) पहुंच गया। टीसीएस ये मुकाम हासिल करने वाली देश की पहली आईटी कंपनी बनी। हालांकि, ऊपरी स्तरों से बिकवाली की वजह से उस दिन शेयर बाजार बंद होने पर इसका मार्केट कैप 100 अरब डॉलर से नीचे आ गया। कुछ दिन बाद ही कंपनी ने ना सिर्फ इतना ही मार्केट कैप हासिल कर लिया, बल्कि नए रिकॉर्ड बनाए।

23 अप्रैल 100 अरब डॉलर (6.60 लाख करोड़) का मुकाम हासिल करने वाली देश की पहली आईटी कंपनी बनी
25 मई 7 लाख करोड़ मार्केट कैप वाली पहली भारतीय कंपनी बनी, लेकिन बाजार बंद होने पर मार्केट कैप 6.87 लाख करोड़ पर आ गया
15 जून 7 लाख करोड़ मार्केट कैप के साथ कारोबार खत्म करने वाली पहली भारतीय कंपनी बनी, बाजार बंद होने पर मार्केट कैप 7.05 लाख करोड़ रुपए रहा

टॉप 5 मार्केट कैप वाली भारतीय कंपनियां

कंपनी मार्केट कैप (रुपए)
टीसीएस 7.58 लाख करोड़
रिलायंस इंडस्ट्रीज 6.54 लाख करोड़
एचडीएफसी बैंक 5.59 लाख करोड़
हिंदुस्तान यूनिलीवर 3.70 लाख करोड़
आईटीसी 3.38 लाख करोड़