हिमाचल प्रदेश के कसौली में अवैध निर्माण गिराने गई महिला अफसर शैलबाला शर्मा की हत्या के आरोपी को आज शाम मथुरा से गिरफ्तार किया गया। शैलबाला कसौली में असिस्टेंट टाउन प्लानर के पद पर कार्यरत थीं। कोर्ट के निर्देश पर मंगलवार को वह टीम के साथ गेस्ट हाउस के खिलाफ कार्रवाई के लिए पहुंची थीं। इसी दौरान मालिक विजय ठाकुर ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से फायर किए थे। महिला अफसर की गोली लगने से मौत हो गई थी। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने कसौली में 13 होटलों और रिसॉर्ट्स में अवैध निर्माण को ढहाने के लिए 17 अप्रैल को आदेश दिया था।

आरोपी ने दो राउंड फायरिंग की थी

- पुलिस के मुताबिक, 1 मई को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जिला प्रशासन के अधिकारियों ने अवैध निर्माण गिराने की कार्रवाई शुरू की। इसी दौरान नारायणी गेस्ट हाउस के मालिक विजय ठाकुर ने कथित तौर पर हवा में दो राउंड गोलियां दागीं। इस दौरान एक गोली जाकर शैलबाला को लग गई और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। एक मजदूर गुलाब सिंह के पेट में भी गोली लगी और वह घायल हो गया था।

विजय की मां बोली- बेटे की दिमागी हालत ठीक नहीं

- चश्मदीदों के मुताबिक, महिला अफसर की हत्या करने वाले विजय ठाकुर ने साइलेंसर लगी रिवॉल्वर से फायरिंग की थी। मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, गोली चलने की कोई आवाज नहीं सुनाई दी थी।

- बताया जाता है कि विजय का इलाके में काफी दबदबा है। पूरा परिवार रसूखदार है। वह बिजली बोर्ड में डायरेक्टर प्रोजेक्ट का पीए है। उसकी दो बेटियां-एक बेटा है। वह परिवार के साथ गेस्ट हाउस में रहता है। इसबीच, आरोपी गेस्ट हाउस मालिक विजय की मां नारायणी देवी ने कहा, "बेटे की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। किसी के उकसाने पर उसने गोली चलाई होगी।"

महिला अफसर के परिवार को 5 लाख का मुआवजा

 

- सुप्रीम कोर्ट में केस की सुनवाई के दौरान हिमाचल सरकार ने बताया कि मृतक शैलबाला के परिवार को 5 लाख रुपए की सहायता राशि दी गई है।  मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बुधवार को घटना की जांच के आदेश दे दिए। शिमला के कमिश्नर मामले की जांच करेंगे। उन्हें 15 दिन में रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने लगाई राज्य सरकार को फटकार

- शैलबाला की हत्या पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई। गुरुवार को कोर्ट ने राज्य सरकार को फटकार लगाई। कहा कि आप (राज्य सरकार) पहले अवैध निर्माण होने देते हो, जब कोई इसमें अपनी पूरी पूंजी लगा देता हो तो उसे गिराने जाते हो। हताशा में लोगों को मारे जाने की ऐसी घटनाएं होती हैं।जस्टिस मदन बी लोकुर ने बुधवार को राज्य सरकार को फटकारते हुए कोर्ट ने कहा, '‘आदेश लागू करवाने पर अगर अधिकारियों की हत्या होगी तो शायद हम कोई आदेश देना ही बंद कर दें। यह बेहद गंभीर मामला है। हैरानी है कि पुलिस के रहते महिला अफसर की हत्या कर आरोपी फरार हो गया।''

- बता दें कि कसौली के एक एनजीओ की ओर से जस्टिस मदन बी लोकुर और दीपक गुप्ता की बेंच के सामने शैलबाला की हत्या का उल्लेख किया गया था। जिस पर कोर्ट ने संज्ञान लिया।